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'रांची से दिल्ली जा रहा हूं, फिर कट गया फोन', क्रैश हुए एयर एम्बुलेंस के पायलट स्वराजदीप सिंह की परिवार से आखिरी बातचीत

झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया जंगल में रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज की एयर एम्बुलेंस क्रैश हो गई, जिसमें पायलट स्वराजदीप सिंह समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई. खराब मौसम के कारण उड़ान के कुछ देर बाद ATC से संपर्क टूट गया था. हादसे से पहले स्वराजदीप ने परिवार से बात की थी. घटना के बाद इलाके में शोक है और विमानन सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.

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स्वराजदीप सिंह के पड़ोसियों ने बताया कि वो काफी मिलनसार थे. (Photo: Screengrab)
स्वराजदीप सिंह के पड़ोसियों ने बताया कि वो काफी मिलनसार थे. (Photo: Screengrab)

झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया इलाके के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस के क्रैश होने की दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में अमृतसर के गोबिंद नगर निवासी पायलट स्वराजदीप सिंह भी शामिल हैं, जिनके परिवार और पड़ोस में गहरा शोक छा गया है.

विमान में कौन-कौन थे सवार
प्रशासन के अनुसार एयर एम्बुलेंस में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें गंभीर रूप से झुलसे मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी, भांजा ध्रुव, पायलट स्वराजदीप सिंह, सह-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा और डॉ विकास भगत शामिल थे. सभी की पहचान कर ली गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

हादसे से कुछ घंटे पहले परिवार से हुई थी बात
परिजनों के मुताबिक, हादसे से कुछ घंटे पहले स्वराजदीप ने घर फोन कर बताया था कि वह रांची से दिल्ली की उड़ान पर जा रहे हैं और लैंड करने के बाद दोबारा बात करेंगे. इसके बाद फोन कट गया, लेकिन तय समय के बाद जब परिवार ने संपर्क करने की कोशिश की तो उनका फोन बंद मिला. बाद में टीवी खबरों से हादसे की जानकारी मिली और कंपनी ने ईमेल के जरिए उनके निधन की पुष्टि की.

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जानकारी के मुताबिक रेडबर्ड एयरवेज की Beechcraft C90 (VT-AJV) एयर एम्बुलेंस बुधवार शाम करीब 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी. उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया और करीब 23 मिनट बाद विमान सिमरिया के जंगल में क्रैश हो गया.

पड़ोसियों ने बताया- मिलनसार और सम्मानित थे स्वराजदीप
स्थानीय लोगों के अनुसार स्वराजदीप बेहद विनम्र और मददगार स्वभाव के थे. पड़ोसी मुख्तियार सिंह और अमरदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता का नाम रोशन किया था. कम उम्र में बेटे को इस तरह खो देना किसी भी परिवार के लिए असहनीय है.

इलाके में शोक, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. स्थानीय लोगों ने सरकार से विमानन सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और लगातार हो रही विमान दुर्घटनाओं की गहन जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां रोकी जा सकें.

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