ऑपरेशन ब्लू स्टार के 32 साल पूरे होने पर अमृतसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है. वहीं, कट्टर सिख संगठन दल खालसा ने सोमवार को अमृतसर बंद का ऐलान किया है.
इस मामले में पुलिस का कहना है कि किसी भी स्थिति में जबरन दुकानें या अन्य व्यावसायिक संस्थान बंद नहीं कराने दिया जाएगा. एहतियात के तौर पर ने करीब 130 लोगों को नजरबंद कर दिया है. इनमें से ज्यादा कट्टर सिख संगठन के लोग ही हैं.
कई नेता हिरासत में लिए गए
पुलिस ने दल खालसा, यूनाइटेड अकाली दल और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कई नेताओं को हिरासत में लिया है. रातभर पुलिस ने छापेमारी की.
8000 पुलिसकर्मी तैनात, पैरामिलिट्री फोर्स भी बुलाई
को ध्यान में रखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सिविल और पुलिस प्रशान के लोगों ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर पहले ही कई तरह की रणनीतियां बनाई हैं. शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 8000 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है. इनके अलावा पैरामिलिट्री फोर्सेज आरएएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात किया गया है.
SGPC ने मंदिर में करीब 500 कर्मचारियों को लगाया है, जबकि अकाली दल ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को SGPC का सहयोग करने को कहा है. गोल्डेन टेंपल में खुफिया विभाग और पुलिस विभाग के लोग सादी वर्दी में तैनात रहेंगे. जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.
सुबह सात बजे भोग सेरेमनी शुरू हुई. अकाल तख्त के जाथेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिख समुदाय के लिए संदेश पढ़ा. अकात तख्त ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.