आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची बड़ी टूट की खबरों के बीच पंजाब की भगवंत मान सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चर्चा है कि 'टर्बनेटर' जल्द ही AAP को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम सकते हैं. हालांकि, पंजाब सरकार के इस फैसले के बाद हरभजन सिंह के घर के बाहर CRPF टीम को तैनात कर दिया गया है.
हरभजन सिंह के निजी सहायक (PA) मनदीप सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने अचानक कार्रवाई करते हुए उनकी पूरी पुलिस सिक्योरिटी वापस बुला ली है. जानकारी के अनुसार, हरभजन सिंह के घर के बाहर तैनात करीब 9 से 10 सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया है और उन्हें दी गई सरकारी पायलट कार भी वापस ले ली गई है.
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें उस दावे में छिपी हैं जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राघव चड्ढा ने किया है. चड्ढा ने कहा था कि आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं और भाजपा के संपर्क में हैं. इन 7 संभावित चेहरों में हरभजन सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. हालांकि, हरभजन सिंह ने अब तक इन अटकलों पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन सुरक्षा वापस लिया जाना सरकार की नाराजगी का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है.
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इससे पहले शनिवार को हरभजन सिंह के आवास के बाहर काले रंग से 'पंजाब का गद्दार' लिख दिया गया था. इसका वीडियो भी सामने आया जिसमें कुछ लोग काले रंग के स्प्रे पेंट से गद्दार लिख रहे हैं. हालांकि पुलिस वहीं खड़ी है लेकिन उन्हें हटाने की कुछ खास कोशिश करती नजर नहीं आई.
शनिवार को ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘गद्दार’ बताया. चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने न सिर्फ पार्टी, बल्कि पंजाब की जनता के भरोसे को भी ठेस पहुंचाई है.
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा को पंजाब और पंजाबियों से समस्या है. उनके मुताबिक, जो भी चीज पंजाब के लोगों के हित में होती है, भाजपा उसे बाधित करने की कोशिश करती है. मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी एक व्यक्ति से बड़ी है और कुछ लोगों के जाने से पार्टी या पंजाब की राजनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा.