शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को मंगलवार को नाभा जेल से रिहा कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दी है. यह मामला पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा जांच के दायरे में है. मजीठिया जून 2025 से न्यायिक हिरासत में बंद थे. मजीठिया दोपहर करीब ढाई बजे बजे नाभा जेल से बाहर आए. इस दौरान जेल के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने उनका स्वागत किया. रिहाई के बाद मजीठिया ने मीडिया से बातचीत की और राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए.
सुप्रीम कोर्ट से जमानत के बाद नाभा जेल से बाहर आए मजीठिया
मजीठिया ने कहा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो से मिले खतरे के इनपुट के बावजूद उनकी सुरक्षा जानबूझकर कमजोर की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान उन्हें खत्म करवाना चाहते हैं. मजीठिया ने कहा कि जैसे सिद्धू मूसेवाला के साथ हुआ, वैसा ही उनके साथ करने की कोशिश की गई. साथ ही उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी कोशिश कर ली जाए, वह झुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल के अंदर उन पर नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए थे. मजीठिया ने इसे निजता और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया. उनका कहना था कि जेल के भीतर उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी.
सुरक्षा में लापरवाही का आरोप, मुख्यमंत्री पर लगाए गंभीर सवाल
मजीठिया ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इस मामले को जानबूझकर ड्रग्स केस के रूप में पेश किया गया, जबकि यह विजिलेंस से जुड़ा मामला है. मजीठिया ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल पहले ही इस मुद्दे पर माफी मांग चुके हैं, इसके बावजूद मुख्यमंत्री इस मामले को राजनीतिक रंग देते रहे.
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी रिहाई रोकने के लिए नए मामले दर्ज कराने की कोशिशें की गईं. इसके साथ ही कोर्ट से सख्त शर्तों वाली जमानत की मांग की गई, जिसमें उन्हें पंजाब में रहने और सार्वजनिक रूप से बोलने से रोकने की मांग भी शामिल थी. हालांकि अदालत ने ऐसी किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं किया.
ड्रग्स केस बताकर जनता को गुमराह करने का दावा
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मजीठिया ने कहा कि हाल ही में डेरा ब्यास प्रमुख की सुरक्षा से भी समझौता किया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर उनके साथ कुछ हो जाता तो जिम्मेदारी कौन लेता. लोगों में मुख्यमंत्री के रवैये को लेकर नाराजगी है.
मजीठिया ने डीजीपी पर भी राजनीतिक निर्देशों के अनुसार काम करने का आरोप लगाया और कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे. साथ ही उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री उन्हें खत्म करना चाहते हैं, जैसा कि गायक सिद्धू मूसेवाला के मामले में हुआ. मजीठिया की रिहाई पर उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है. गुरु साहिब के आशीर्वाद से न्याय मिला है और पंजाब की जनता इसका जवाब देगी.
मजीठिया मामले में मची राजनीतिक हलचल
डेरा ब्यास प्रमुख के बयान के बाद मजीठिया मामले में मची राजनीतिक हलचल पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है और रिश्तेदारी के नाते कोई भी किसी से मिल सकता है. उन्होंने साफ किया कि मजीठिया पर लगे आय से अधिक संपत्ति के आरोप अदालत में विचाराधीन हैं और फैसला कानून व सबूतों के आधार पर होगा. साथ ही मंडी गोबिंदगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं के आम आदमी पार्टी में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज से प्रभावित होकर लगातार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं.