पंजाब में तीन दिवसीय ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026’ की शुक्रवार को शुरुआत हुई. सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरकत की. पहले ही दिन उद्योग जगत की कई बड़ी कंपनियों ने राज्य में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया.
निवेशकों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार उद्योगों को हर तरह की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है और चीन जैसे देशों से मुकाबला करने के लिए राज्य में मजबूत औद्योगिक माहौल तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है, जिससे करीब 5.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत किसी भी उद्योग को 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां मिल जाती हैं. उन्होंने बताया कि यदि तय समय सीमा में मंजूरी नहीं मिलती, तो 46वें दिन स्वतः ‘डीम्ड अप्रूवल’ मिल जाता है. उनके अनुसार यह व्यवस्था उद्योगों के लिए पारदर्शी और तेज प्रक्रिया सुनिश्चित करती है.
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उद्योगपतियों को मंजूरी लेने के लिए अधिकारियों और मंत्रियों के चक्कर लगाने पड़ते थे और रिश्वत के बिना काम नहीं होता था, लेकिन अब पंजाब में उद्योग-अनुकूल माहौल बनाया गया है.
केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर निवेश किया है. उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है. साथ ही राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए 10 लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज योजना लागू की गई है, जिससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि पंजाब की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार के लिए नए युग की शुरुआत है. उन्होंने बताया कि एचएमईएल, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू, ट्राइडेंट ग्रुप और हीरो जैसे बड़े औद्योगिक समूहों ने राज्य में अपने कारोबार के विस्तार की घोषणा की है.
सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए राज्य के युवाओं को नौकरी मांगने की बजाय नौकरी देने वाला बनाना चाहती है. उन्होंने बताया कि 2022 से अब तक लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों को बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और तेज मंजूरी प्रणाली उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने उद्यमियों से पंजाब में निवेश करने और राज्य को औद्योगिक हब बनाने में भागीदारी निभाने की अपील की.