scorecardresearch
 

लखनऊ में इंदिरा की मामी के घर शिफ्ट हो सकती हैं प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी पार्टी की महासचिव होने के साथ-साथ यूपी की इंचार्ज भी हैं. लिहाजा उनका ये कदम बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. कोरोना संक्रमण के दौरान प्रियंका का यूपी में दौरा कम हो गया था.

Advertisement
X
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मोदी सरकार ने लोधी एस्टेट का बंगला खाली करने को कहा
  • मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने भेजा नोटिस

दिल्ली में लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद प्रियंका गांधी लखनऊ शिफ्ट करने के मूड में हैं. बताया जा रहा है कि वो लखनऊ में इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल के घर शिफ्ट करेंगी. शीला कौल के गांधी परिवार से काफी अच्छे संबंध थे. वो इंडियन नेशनल कांग्रेस की एक नेता के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री और राज्यपाल भी रही थीं.

प्रियंका गांधी पार्टी की महासचिव होने के साथ-साथ यूपी की इंचार्ज भी हैं. लिहाजा उनका ये कदम बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. कोरोना संक्रमण के दौरान प्रियंका का यूपी में दौरा कम हो गया था. ऐसे में लखनऊ शिफ्ट होना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है.

जानकारी के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने यूपी के चुनावों से पहले लखनऊ में अपना बेस बनाने का फैसला पहले ही कर लिया था. इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल के घर ‘कौल हाउस’ की मरम्मत का काम पहले ही किया जा चुका है.

दो दशक से लोधी एस्टेट बंगले में रह रही हैं प्रियंका

मोदी सरकार ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने को कहा है. प्रियंका को ये बंगला एक अगस्त तक खाली करना है. SPG सुरक्षा हटने के चलते बंगला खाली करना होगा. इस बाबत मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से नोटिस जारी किया गया है. 6-बी हाउस नंबर- 35 लोधी एस्टेट में प्रियंका गांधी फैमिली के साथ रहती हैं. लगभग दो दशक से प्रियंका इसी मकान में रह रही हैं.

Advertisement

यूपी के सरकारी वाहनों को अब पेट्रो कार्ड से मिलेगा डीजल, पर्ची सिस्टम खत्म

बीते साल नवंबर में हटाई गई थी SPG सुरक्षा

बता दें कि एसपीजी सुरक्षा के तहत गांधी परिवार को ये बंगला अलॉट किया गया था, लेकिन बीते साल नवंबर में केंद्र सरकार ने एसपीजी सुरक्षा हटा ली थी. मोदी सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने इसे एक साजिश करार दिया था. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को हुई हत्या के बाद गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा प्रदान की गई थी.

Advertisement
Advertisement