महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर विवाद को लेकर राजनीति काफी तेज हो गई है. जो विवाद पहले सिर्फ कुछ बयानों से शुरू हुआ था, अब सड़क पर प्रदर्शन के रूप में देखने को मिल रहा है. एमनएस प्रमुख राज ठाकरे भी चेतावनी जारी कर चुके हैं. इस विवाद पर आज तक ने शिवसेना नेता संजय राउत से खास बातचीत की है.
उनसे जब पूछा गया कि राज ठाकरे की तरफ से डेडलाइन दे दी गई तो उन्होंने तंज के अंदाज पर बड़ा हमला बोला. राउत ने कहा कि वो पार्टी क्या डेडलाइन देगी जो खुद ही डेड हो चुकी है. महाराष्ट्र तो ऐसा राज्य है जहां पर लोगों को भाषण सुनना पसंद आता है. जिसे रैली करनी है वो कर सकता है. इससे कोई दिक्कत नहीं है.
संजय राउत ने इस बात पर भी जोर दिया कि महाराष्ट्र में और उनकी सरकार के लिए लाउडस्पीकर कोई बड़ा विवाद नहीं है. वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि इसके नाम पर कानून व्यवस्था को चुनौती ना दी जाए. साफ संदेश दिया गया है कि किसी को भी महाराष्ट्र में कानून हाथ में लेने का मौका नहीं दिया जाएगा.
राज ठाकरे की राजनीति पर सवाल उठाते हुए राउत ने ये भी कहा है कि सब कुछ बीजेपी द्वारा स्पांसर किया जा रहा है. हम इस मामले को अपने तरीके से हैंडल कर लेंगे, हमारी तरफ से सोनिया गांधी की शांति अपील पर कोई हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं.
वैसे इस समय यूपी में लाउडस्पीकर के खिलाफ तेजी से अभियान चलाया जा रहा है. मस्जिद से लेकर मंदिर तक, हर जगह से लाउडस्पीकर हट रहे हैं. राज ठाकरे ने भी इस कार्रवाई के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की है. इसको लेकर जब संजय राउत से सवाल किया गया तो उन्होंने राज ठाकरे की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर दिए. उनके मुताबिक ये वहीं राज ठाकरे हैं जो कुछ साल पहले तक योगी आदित्यनाथ को 'टकलू' कहते थे.
अब राउत की तरफ से राज ठाकरे पर जरूर निशाना है, लेकिन उन्होंने सीएम योगी की तारीफ की है. उनका कहना है कि हम उनका पूरा सम्मान करते हैं, वे हिंदुओं की राजनीति करते हैं. उन्होंने विकास किया है, जब भी अयोध्या जाते हैं तो उनसे मिलते हैं. इस सब के अलावा राउत ने सड़क पर पढ़ी जाने वाली नमाज पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. इस विवाद पर उन्होंने बताया कि बाला साहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र में जोर-शोर से ये मुद्दा उठाया था. बाद में जब सरकार बनी तो उन्होंने कहा था कि मस्जिदों का सर्फेस एरिया बढ़ाया जा सकता है, जिससे कोई सड़क पर नमाज ना पढ़े. अब महाराष्ट्र सरकार भी इस पर विचार कर रही है.