कांग्रेस ने विभिन्न मसलों पर केंद्र सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार के कु-प्रबंधन के कारण आर्थिक तंगहाली से युवा, किसान और दिहाड़ी श्रमिक सबसे ज्यादा परेशान हैं. किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ बोल नहीं रहे हैं.
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'केवल 1 साल-वर्ष 2019 में देश में 42,480 किसान-मजदूरों ने आत्महत्या की. NCRB के आंकड़े बता रहे हैं कि बीजेपी सरकार के कु-प्रबंधन के कारण आर्थिक तंगहाली से युवा, किसान व दिहाड़ीदार मजदूर सबसे ज्यादा त्रस्त हैं. किसान आत्महत्या करने को मजबूर और मोदीजी दम साधे, होठ सीए बैठे रहे.'
सुरजेवाला ने कहा कि 116 किसान हर रोज आत्महत्या को मजबूर है. यही नहीं, साल 2019 में 14,019 बेरोजगार आत्महत्या को मजबूर हुए. 38 बेरोजगार रोज जिंदगी देने को मजबूर. सबसे चिंता की बात यह है कि ये आंकड़े कोरोना महामारी से बहुत पहले के हैं. मोदी जी, आपको रात को नींद कैसे आती है?
सुरजेवाला ने कहा, 'मोदी जी, देश की सुध लीजिए, सत्ता का घमंड छोड़िये, किसानों का कर्ज़ा माफ़ कीजिए, बेरोजगार को रोजगार दीजिए. प्रबंधन की विफलता और फेल लॉकडाउन से खराब हालत वाले वर्ष 2020 के आंकड़े जब आएंगे तो हालात और भयावह होंगे.'
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— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala)
116 किसान हर रोज़ आत्महत्या को मजबूर।
यही नही,
साल 2019 में 14,019 बेरोज़गार आत्महत्या को मजबूर हुए।
38 बेरोज़गार रोज़ ज़िंदगी देने को मजबूर।
सबसे चिंता की बात यह है की ये आंकड़े कोरोना महामारी से बहुत पहले के हैं।
मोदी जी, आपको रात को नींद कैसे आती है?
इससे पहले, सुरजेवाला ने कहा कि आम आदमी शायद जीडीपी का वित्तीय प्रभाव तो नहीं जानता, पर यह जरूर समझता है कि मजदूरों के मुंह का निवाला छीनना जुल्म है, लोगों का नंगे पांव चलना और बसों का खाली खड़े रहना पाप है, मंगलयान चलाने वाले देश में एक लड़की का कई सौ किलोमीटर पिता को साइकिल पर ले जाना बेबसी है.
बता दें कि कोरोना लॉकडाउन के चलते अप्रैल से जून की इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 23.9 प्रतिशित की गिरावट आई है. कोरोना के चलते जीडीपी में गिरावट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सोमवार को जो आंकड़ा आया, वह उससे भी ज्यादा था.