लोकसभा की कार्यवाही यूं तो आज महंगाई को लेकर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई. लेकिन प्रश्ननकाल के दौरान पूर्व खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल के एक सवाल का जवाब देते हुए वाणिज्य उद्योग मंत्री ने उन्हें ‘मेरी बहन’ कहकर संबोधित किया और उन्हें मंत्रिमंडल में साथ होने की भी याद दिलाई. जानिए ऐसा क्यों कहा गोयल ने-
FCI की नई अधिसूचना पर खफा
हरसिमरत कौर ने FCI की नई अधिसूचना को लेकर सरकार से सवाल किया. उन्होंने सदन में कहा कि FCI के नए नियमों के हिसाब से जो किसान अपने भू-अभिलेखों को अपलोड करेंगे उनसे ही सरकारी खरीद की जाएगी. यह उनके राज्य के 40% किसानों के साथ नाइंसाफी है.
हरसिमरत कौर ने कहा कि वह पंजाब राज्य से आती हैं जहां 40% किसान या तो किसी से जमीन बटाई या किराये पर लेकर खेती करते हैं. अब ऐसे में वह लैंड रिकॉर्ड कहां से लाएंगे. अगर FCI उनसे सरकारी खरीद नहीं करेगी तो ये 40% किसान कहां जाएंगे.
संघीय ढांचे में हस्तक्षेप कर रही सरकार
हरसिमरत कौर ने कहा कि नए कृषि कानूनों के बारे में सरकार कहती है उसने किसानों को एक और विकल्प दिया है. जबकि इन्हीं कानूनों के विरोध में किसान चार महीने से दिल्ली की सरहद पर बैठे हैं. दूसरी ओर सरकार कह रही है कि वह राज्यों के कानूनों में हस्तक्षेप नहीं करेगी जबकि पंजाब का कानून 2013 से किसानों को मंडी या सीधे बेचने का अधिकार देता है. ऐसे में ये सरकार संघीय ढांचे के हर विषय पर हस्तक्षेप कर रही है और जो बनी हुई व्यवस्थाएं उन्हें तोड़ रही है. इस सवाल को पूछते वक्त हरसिमरत कौर के चेहरे पर गुस्सा साफ देखा गया.
पीयूष ने हरसिमरत को मंत्रिमंडल की याद दिलाई
इसके जवाब में जब पीयूष गोयल बोलने के लिए खड़े हुए तो बोले कि ‘मेरी बहन अभी तक तो मंत्रिमंडल में ही इन सब विषयों को स्वीकार करके, देश में पारदर्शी तरीके से काम हो, देश में फसल खरीद हो, उसके लिए उत्तेजना के साथ काम करा करती थीं. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि वह आज कैसे भूल गई हैं कि इस देश की संकल्पना है कि देश में पारदर्शी व्यवस्वस्थाएं हों. इस देश में गलत कामों को रोका जाए और इसी के तहत पूरे देश में FCI की खरीद बहुत अच्छे और पारदर्शी तरीके से देते हैं.’
उन्होंने आगे कगा, 'रही बात लैंड रिकॉर्ड की तो जिस किसी भी जमीन मालिक ने किसानों को किराये पर जमीन दी है वह अपलोड करके बता दे कि उसने ये जमीन किराये पर दी है. इससे कम से कम भूमि की उपज का तो पता चलेगा और हमने किसानों से खरीदने के लिए मना तो नहीं किया है.'
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