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कांग्रेस विधायक ने फोड़ा ठीकरा, बोले- EVM नहीं, पार्टी को हराने में हमारा कार्यकर्ता ही शामिल

Gujarat News: गुजरात में बीते 27 साल से सत्तारूढ़ होने की बाट जोह रही कांग्रेस अब अपनी हार का ठीकरा पार्टी कार्यकर्ताओं पर ही फोड़ने लगी है. एक बैठक में कांग्रेस के विधायकों ने ईवीएम को क्लीनचिट देते हुए कार्यकर्ताओं को ही चुनावी में हार का जिम्मेदार ठहराया.

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गुजरात कांग्रेस विधायक ने हार का ठीकरा कार्यकर्ताओं पर फोड़ा. (सांकेतिक तस्वीर)
गुजरात कांग्रेस विधायक ने हार का ठीकरा कार्यकर्ताओं पर फोड़ा. (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस कार्यकर्ता वोट BJP को दे आता है: MLA
  • गुजरात कांग्रेस की बैठक में विधायकों की बयानबाजी

देशभर में मिल रही हार के लिए कांग्रेस इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की गलती निकालती दिखती है, लेकिन गुजरात में कांग्रेस नेताओं ने अपनी हार का ठीकरा पार्टी कार्यकर्ताओं पर फोड़ा है. कांग्रेस विधायक गयासुद्दीन शेख ने इवीएम को क्लीनचीट देते हुए कहा कि वोटिंग मशीन नहीं, बल्कि कांग्रेस को कांग्रेस का कार्यकर्ता ही हरा देता है. कांग्रेस की हार के लिए कांग्रेस का मैनेजमेंट और कार्यकर्ता ही जिम्मेदार है. 

इस मौके पर कांग्रेस के एक और विधायक शिवा भूरिया ने कहा कि कांग्रेस का कार्यकर्ता वोट बीजेपी को दे आता है और फिर कहता है कि हमने तो कांग्रेस को ही वोट दिया. परिणामस्वरूप कांग्रेस का उम्मीदवार हार जाता है, तो फिर ईवीएम की गलती निकाली जाती है.  

दरअसल, सोमवार को मेहसाणा में कांग्रेस की उत्तर ज़ोन की बैठक का आयोजन किया गया था.  इस दौरान कांग्रेस विधायक गयासुद्दीन शेख ने कहा कि पार्टी बूथ मैनेजमेंट नहीं करती है. बूथ पर कांग्रेस का कार्यकर्ता नहीं होता है और जो भी कार्यकर्ता बूथ स्तर पर तैयार किया जाता है, वो अगले दिन रात को नाश्ता करके मतदान की सुबह 5 बजे सो जाता है. चुनाव के काम में कांग्रेस का कार्यकर्ता काफी ढीला साबित होता है. 

साफ है कि कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं पर ही चुनावों में हार का ठीकरा फोड़ रही है. हालांकि, राजनीति के जानकार अक्सर कहते हैं कि गुजरात में कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं से ज्यादा नेताओं की भरमार है और हर नेता का अपना अलग गुट है. अब सवाल यह उठता है कि क्या कांग्रेस के नेता खुद की हार का ठीकरा कब तक कार्यकर्ताओं पर ही फोड़ते रहेंगे?

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उल्लेखनीय है कि गुजरात में पिछले 27 साल से कांग्रेस सत्ता में नहीं आ पाई है. पार्टी इस बार 125 सीटों का टारगेट बनाकर सत्ता में आने के लिए लगातार मेहनत करती दिख रही है. 

 

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