कोरोना के रिकॉर्ड तोड़ मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्री संग बैठक कर कई मुद्दों पर चर्चा की. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा तक, तमाम नेता बैठक में मौजूद रहे, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उस बैठक में नहीं देखा गया. जब उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठने लगे तो सीएम ने खुद ही प्रेस कांफ्रेंस कर इस पर सफाई दी.
पीएम मोदी की कोरोना बैठक में हमें नहीं बुलाया गया: ममता
ममता बनर्जी की तरफ से दावा किया गया है कि उन्हें उस मीटिंग में आने का न्योता नहीं दिया गया था. उन्होंने कहा है कि मुझे पता चला था कि पीएम आज कोई मीटिंग करने वाले हैं. लेकिन हमे न्योता नहीं दिया गया था. अगर मिलता तो हम जरूर शामिल होते. जानकारी मिली है कि ये मीटिंग सिर्फ 10 राज्यों के साथ ही की गई है क्योंकि वहां कोरोना की स्थिति काफी खराब है.
ममता बनर्जी का ये कहना कि उन्हें मीटिंग में शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया. बता दें कि इस समय पश्चिम बंगाल में 10 हजार से ज्यादा नए मामले देखने को मिल रहे हैं, ऐसे में स्थिति वहां भी विस्फोटक बनी हुई है. वहीं कोरोना के बीच जारी चुनाव ने भी राज्य की चिंता बढ़ा दी है.
बीजेपी का ममता पर निशाना
बीजेपी की तरफ से इसे कई बार ममता बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाए गए हैं. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तो ट्वीट कर कहा है कि ममता बनर्जी ने पीएम की कोविड पर हुई कोई मीटिंग अटेंड नहीं की है, उन्होंने हमेशा चुनाव प्रचार के नाम पर इन जरूरी मीटिंग को छोड़ा है. बीजेपी के कई दूसरे नेताओं ने भी कोरोना की लड़ाई में ममता बनर्जी की रणनीति को कमजोर और दिशाहीन बताया है. दूसरी ओर अपनी हर चुनावी सभा में ममता बीजेपी पर राज्य में कोरोना फैलाने का आरोप लगाती रही हैं.
चुनावी समर में वर्चुअल रैली
वैसे बंगाल में बढ़े कोरोना मरीजों की संख्या ने तमाम पार्टियों को अपनी रैलियां कैंसिंल करने पर मजबूर किया है. अब वर्चुअल रैली पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. आने वाले दिनों में ममता बनर्जी और पीएम मोदी भी वर्चुअल अंदाज में ही बंगाल के लोगों को संबोधित करने जा रहे हैं. मालूम हो कि पश्चिम बंगाल में 6 चरण का चुनाव संपन्न हो चुका है. आठ चरणों वाले इस चुनाव के नतीजे 2 मई को आने वाले हैं. दोनों बीजेपी और TMC के बीच काटे की टक्कर बताई जा रही है और दोनों ही तरफ से हर चरण के बाद जीत के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं.