दरअसल, 6 दिसंबर 1992 की सुबह तक करीब साढ़े 10 बजे लाखों की संख्या में कारसेवक अयोध्या पहुंच गए थे. हर किसी की जुबां पर उस वक्त 'जय श्री राम' का नारा था. भीड़ उन्मादी हो चुकी थी. विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल, कारसेवकों के साथ वहां मौजूद थे. थोड़ी ही देर में बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी भी जुड़ गए. इसके बाद वहां लालकृष्ण आडवाणी भी पहुंच गए.
(तस्वीर में अशोक सिंघल, लाल कृष्ण आडवाणी, विनय कटियार और मुरली मनोहर जोशी)
(Photo: India Today Archives)