अभी तक हादसे में मारे गए लोगों की सही जानकारी नहीं मिल पाई है.
इमारत में दो महिने से पानी भरा होने के कारण यह हासदा हुआ.
दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 12 घंटे के बाद घटनास्थल का दौरा किया.
दिल्ली के लक्ष्मीनगर में इमारत गिरने से 65 लोगों की मौत हो गई.
दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाके में इमारत गिरने से कई लोगों की मौत हो गई है.
तंग इलाका होने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें पेश आई.
घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए मौके पर एंबुलेंस भी पहुंची.
स्थानीय निवासियों ने दबे लोगों को निकाले में सहायता की.
पुलिस के साथ साथ घटना को कवर करने के लिए मीडिया भी मौके पर पहुंची.
घायलों को ले जाती एंबुलेंस.
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
राहत कार्यों में जुटे लोग.
घटनास्थल पर एकत्रित लोगों का हूजूम.
घायलों को बचाने की कोशिश में लगे निवासी.
जैसे ही इमारत ढहने की खबर समाचार चैनलों पर दिखाई गई. आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचने लगे.
ढही इमारत का मलवा हटाते लोग.
संकरा रास्ता होने के कारण राहतकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
दिल्ली के वित्त मंत्री ने कहा कि इमारत की बेसमेंट में पानी भरने से यह हादसा हुआ.
घायलों को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया.
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं इमारत गलत तरीके से तो नहीं बनाई. ये तो जांच का विषय है.
शीला दीक्षित ने कहा कि हादसे की जांच की जाएगी और पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे हादसों से सबक लेना चाहिए.
संकरी गलियां और रात के कारण राहत और बचाव कार्य तेजी से नहीं हो पाया.
लोगों को जहां से खबर मिली, दौड़ते भागते पीडि़तों को बचाने के लिए जमा हो गए.
लोगों के सामानों का ढेर घटनास्थल पर बिखरा हुआ.
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बताया कि दिल्ली में इस बार भारी बारिश के कारण यमुना के आसपास की जमीन काफी गिली हो गई हैं. हादसे को इसका भी वजह माना जा रहा है.
घटनास्थल में रोशनी का इंतजाम करने में भी लोगों को थोड़ी दिक्कत हुई.