गुजरात में साबरमती नदी के उफान के बाद से ग्रामीण और शहरी इलाकों से लगभग 10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. बाढ़ के कारण गलियों में सैलाब उमड़ आया है और लोग ऐसे ही पानी के बीच जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर हैं.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में अहमदाबाद में लगभग 200 मिमी बारिश हुई है. लगातार बिगड़ रही स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है.
अहमदाबाद के मुख्य दमकल अधिकारी एम दस्तूर ने कहा कि भारी बारिश और जलजमाव की वजह से कम से कम 20 इमारतें गिर पड़ी है.
गुजरात में बाढ़ और बारिश से अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है. 25 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा जा चुका है. 900 जानवर सैलाब में दम तोड़ चुके हैं.
बाढ़ के कारण एयरमार्शल आर के धीर गुजरात का जायजा लेने के लिए निकले. हेलीकॉप्टर से एयर मार्शल हालात देखे और वहां का दौरा किया. साथ ही उन्होने कहा कि दरअसल इस हवाई दौरे के बाद ये तय किया जाना है कि किस इलाके में वायुसेना के कितने जवानों की तैनाती की जाए. ताकि हालात बिगड़ने न पाएं और लोगों की सुरक्षा की जा सके.
अहमदाबाद हवाई अड्डे के निदेशक मनोज गनगल ने कहा कि बारिश की वजह से हवाई अड्डे के रनवे पर थोड़ा पानी भर गया था. हालांकि इसने हवाई यातायात को प्रभावित नहीं किया. मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरा किया.
वहीं पंजाब के मोहाली, पाटियाला और फतेहाबाद साहिब तथा हरियाणा के पंचकुला और अंबाला में भी बारिश से हालात बहुत खराब है. बता दें कि चंडीगढ़ में 120.8 मिमि बारिश हुई . ये 10 साल में सबसे ज्यादा है. रिकॉर्ड तोड़ बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों में जलजमाव हो गया.
पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और ओडिशा में एनडीआरएफ और राज्य प्रशासन समेत बचाव दल बाढ़ राहत और बचाव अभियान में लगे हुए हैं. मौसम विभाग के अधिकारियों ने पूर्वी राजस्थान के कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश की चेतानवी दी गई है जो पहले ही बाढ़ की चपेट में है.