कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव करते हुए सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी औपचारिक घोषणा की. इस्तीफे से पहले सिद्धारमैया ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग की, जिसमें उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए सहयोगियों को धन्यवाद दिया. पद छोड़ने के बाद उन्होंने साफ किया कि उन्होंने राज्यसभा जाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है और वो कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय बने रहेंगे. सिद्धारमैया ने कांग्रेस के भीतर किसी भी तरह के मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह एकजुट रहेगी. उनके बयान को सत्ता परिवर्तन के बीच संगठनात्मक एकता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.