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जंग की वजह से फारस और ओमान की खाड़ी में फंसे 37 भारतीय जहाज, 1109 नाविक सवार

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के चलते फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में भारतीय झंडे वाले 37 जहाज फंस गए हैं. इन पर कुल 1109 भारतीय नाविक सवार हैं.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे कार्गो शिप. (Photo: AFP)
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे कार्गो शिप. (Photo: AFP)

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव का सीधा असर भारत की समुद्री आवाजाही और भारतीय नाविकों पर पड़ता दिख रहा है. मौजूदा हालात में भारतीय झंडे वाले 37 जहाज फारस की खाड़ी (The Persian Gulf), ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और उससे जुड़े समुद्री इलाकों में फंसे हुए हैं. इन जहाजों पर कुल 1109 भारतीय नाविक सवार हैं. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते जहाजों की आवाजाही बंद कर दी है, जिससे यह संकट और गंभीर हो गया है.

अधिकारियों के मुताबिक, फंसे जहाजों में कुछ कच्चा तेल और एलएनजी लेकर भारत की ओर आ रहे थे, जबकि कई जहाज खाड़ी देशों से पेट्रोलियम उत्पाद लेकर भारतीय बंदरगाहों के लिए रवाना हुए थे. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन जलमार्गों में से एक है. भारत के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) शिपिंग कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है.

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डीजी शिपिंग ने सभी मैरीटाइम ऑपरेटर्स को जोखिमों का आकलन करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है. फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मिसाइल, ड्रोन हमलों और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं. इस संघर्ष में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर तैनात कम से कम तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक नाविक घायल हुआ है. हालात को देखते हुए नौवहन मंत्रालय ने एक क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके और भारतीय नाविकों व उनके परिवारों को तुरंत सहायता मिल सके.

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शिपिंग कंपनियों को क्रू तैनाती में सावधानी बरतने, नाविकों से नियमित संपर्क बनाए रखने और उनके परिजनों को स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए गए हैं, जिन्हें नाविकों के परिवारों तक पहुंचाया गया है. केंद्रीय नौवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में फारस की खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और भारतीय समुद्री संपत्तियों पर उसके प्रभाव का आकलन किया गया. 

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भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय, हिंद महासागर क्षेत्र में इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (IFC-IOR) और मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) के साथ करीबी समन्वय बनाए रखा गया है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी अमेरिकी और इजरायली हवाई हमले ईरान पर जारी हैं. ईरान और उसके सहयोगियों ने इजरायल, पड़ोसी खाड़ी देशों, महत्वपूर्ण तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन संयंत्रों पर जवाबी हमले किए हैं.

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