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कोल संकट को लेकर सवाल पर केंद्रीय कोयला मंत्री बोले- कुछ नहीं बोलना

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी से जब कोयला संकट को लेकर सवाल किया गया तो वे बजाए जवाब देने के, ये कहकर खिसक लिए कि इसे लेकर उन्हें कुछ नहीं बोलना है.

प्रह्लाद जोशी (फाइल फोटो) प्रह्लाद जोशी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रह्लाद जोशी ने सिंगरौली कोल माइन का किया निरीक्षण
  • ट्रेन से वाराणसी, फिर हेलिकॉप्टर से सिंगरौली गए मंत्री

देश कोयला संकट से जूझ रहा है. कई तापीय विद्युत परियोजनाओं में कोयले का स्टॉक लगभग खत्म हो गया तो वहीं कई परियोजनाओं में महज चंद रोज का स्टॉक बचा है. कई तापीय विद्युत परियोजनाओं में क्षमता से आधी बिजली का उत्पादन हो रहा है. इसकी वजह ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में लोग भीषण बिजली कटौती के कारण परेशान हैं.

कोयले की कमी के कारण जब संकट गहराया तब केंद्र सरकार एक्टिव मोड में आई. केंद्रीय कोयला मंत्री खुद उन स्थलों पर जा रहे हैं जहां कोयला उत्पादन होता है. कोयला मंत्री कोयला उत्पादन के संबंध में जानकारी ले रहे हैं और साथ ही कोयले की तापीय विद्युत परियोजनाओं को आपूर्ति बढ़ाने के संबंध में भी जानकारी ले रहे हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं.

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में थे. ट्रेन से वाराणसी पहुंचे प्रह्लाद जोशी यहां से हेलिकॉप्टर से मध्य प्रदेश के सिंगरौली रवाना हुए जहां उन्हें कोयला उत्पादन की जानकारी लेनी थी. प्रह्लाद जोशी से देश में जारी कोयला संकट को लेकर सवाल भी किया गया लेकिन वे कुछ भी बोलने से बचते दिखे.

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी से जब कोयला संकट को लेकर सवाल किया गया तो वे बजाए जवाब देने के, ये कहकर खिसक लिए कि इसे लेकर उन्हें कुछ नहीं बोलना है. गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री आरपी सिंह ने भी दिल्ली के मुख्यमंत्री की चिट्ठी के बाद दावा किया था कि देश की तापीय बिजली परियोजनाओं के पास पर्याप्त कोयला उपलब्ध है. कोयले का कोई संकट नहीं है, ये दावा केंद्र की ओर से लगातार किया जाता रहा है लेकिन अब जिम्मेदार बोलने से बचते दिख रहे हैं.

 

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