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Coal crisis: कोल इंडिया ने गैर बिजली क्षेत्र को बंद की कोयले की सप्लाई!

कोल इंडिया (Coal India) ने बिजली के अलावा अन्य सेक्टर को कोयला की आपूर्ति पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है. इससे यह समझा जा सकता है कि हालत कितनी गंभीर है.

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कोयले का संकट बरकरार (फाइल फोटो)
कोयले का संकट बरकरार (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोल इंडिया का उत्पादन में एकाधि‍कार
  • देश का 80% कोयला उत्पादन यही करती है

देश में कोयला संकट अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है. देश में कोयला उत्पादन पर एकाध‍िकार रखने वाली सरकारी कंपनी कोल इंडिया (Coal India) ने बिजली के अलावा अन्य सेक्टर (non-power sector) को कोयला की आपूर्ति पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है. इससे यह समझा जा सकता है कि हालत कितनी गंभीर है.

कोल इंडिया की एक शाखा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने हाल में एक लेटर जारी कर कहा है, 'अगली सूचना तक नॉन-पावर सेक्टर को आपूर्ति लंबित रहेगी.' 

अस्थायी रूप से रोक! 

एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक कोल इंडिया के एक अध‍िकारी ने कहा कि यह केवल अस्थायी रूप से प्राथमिकता तय करने की बात है. देश में पावर प्लांट्स में कोयले की तंगी को देखते हुए देश हित में यह फैसला लिया गया है. इससे पावर प्लांट्स को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी. 

उत्पादन बढ़ा रही कोल इंडिया 

कंपनी ने कहा कि वह लगातार अपना उत्पादन भी बढ़ा रही है. पिछले चार दिन से पावर सेक्टर को लगातार 16.1 लाख टन  (MT) प्रति दिन कोयले की आपूर्ति की जा रही है. एक बार हालत सुधरने पर जब कोल फायर्ड प्लांट्स में कोयले का स्तर सुविधाजनक स्थ‍िति में पहुंच जाएगा, दूसरे सेक्टर को फिर से नियमित रूप से कोयले की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी. 

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कोल इंडिया को उम्मीद है कि दशहरे के बाद जब तमाम वर्कर छुट्टियों से लौटेंगे, तो उत्पादन में तेजी से बढ़त होगी. देश में कोयले का करीब 80 फीसदी उत्पादन कोल इंडिया के द्वारा ही किया जाता है. 

 

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