scorecardresearch
 

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया की समयसीमा दो हफ्ते बढ़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा दो हफ्ते बढ़ा दी है. राज्य निर्वाचन आयोग की मांग पर कोर्ट ने यह राहत दी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने साफ किया कि चुनाव होंगे, लेकिन उनका परिणाम लंबित याचिकाओं के फैसले के अधीन रहेगा.

Advertisement
X
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है इसके आगे कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा. (Photo: PTI)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है इसके आगे कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा. (Photo: PTI)

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा दो हफ्ते बढ़ा दी. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की ओर से समय बढ़ाने की मांग के बाद दिया. आयोग ने दलील दी थी कि कुछ जिला परिषदों और पंचायतों के चुनाव बाकी हैं, जिसके लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है.

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता बलबीर सिंह ने अदालत को बताया कि आयोग ने 31 जनवरी की तय समयसीमा से आगे 10 दिन का विस्तार मांगा है. उन्होंने कहा कि पहले से निर्धारित समय में सभी चुनाव पूरे कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. इसके बाद कोर्ट ने आयोग की अर्जी को संख्या देने का निर्देश देते हुए चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय दे दिया.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र: AIMIM के समर्थन से BJP नेता का बेटा बना नगरसेवक, आकोट में फिर गरमाई सियासत

इस दौरान कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक होने को लेकर दायर एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई की. वरिष्ठ अधिवक्ता वी गिरी की दलीलों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीठ ने कहा, "अगर 50 प्रतिशत की लक्ष्मण रेखा पार हो गई है, जैसे इस मामले में यह 52 प्रतिशत है, तो चुनाव होंगे, लेकिन वे इन याचिकाओं के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगे."

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में किसी भी नई हस्तक्षेप याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. पीठ ने साफ कहा कि ऐसी याचिकाएं केवल चुनाव प्रक्रिया में देरी करने के इरादे से दायर की जा रही हैं. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी याचिकाओं पर सुनवाई स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद ही की जाएगी.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र Civic Polls से पहले महिलाओं को कैश ट्रांसफर पर बवाल! EC पहुंची कांग्रेस, बताया 'सामूहिक रिश्वत'

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को अपने आदेश का पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई थी. कोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि 2022 से लंबित स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं और इसके बाद किसी भी तरह का विस्तार नहीं दिया जाएगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement