महाराष्ट्र के अकोला जिले के आकोट में ‘भाजपा-AIMIM’ गठबंधन को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है. स्वीकृत नगरसेवक पद के चयन में AIMIM के पांचों नगरसेवकों ने भाजपा के पूर्व नगराध्यक्ष के पुत्र जितेन बरेठिया का समर्थन किया, जिसके बाद उन्हें AIMIM कोटे से स्वीकृत नगरसेवक घोषित कर दिया गया.
मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने गठबंधन तोड़ने के निर्देश दिए थे और भाजपा ने स्थानीय विधायक प्रकाश भारसाकले को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
इसके बाद AIMIM, भाजपा के नेतृत्व वाले ‘आकोट विकास मंच’ से अलग हो गई थी और अपने पांच नगरसेवकों का स्वतंत्र गुट बना लिया था. लेकिन अब स्वीकृत सदस्य के चयन की प्रक्रिया में दोनों दलों की नजदीकियां फिर से उजागर हो गई हैं. AIMIM की ओर से पहले ताज राणा और भाजपा की ओर से जितेन बरेठिया के नाम सामने आए थे.
तय समय-सीमा के बाद नामांकन दाखिल करने के कारण ताज राणा का आवेदन खारिज हो गया, जिसके चलते जितेन बरेठिया एकमात्र वैध उम्मीदवार बचे और AIMIM के स्वीकृत नगरसेवक घोषित कर दिए गए.
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इस फैसले के खिलाफ ताज राणा ने अदालत जाने का संकेत दिया है. वहीं, गठबंधन के लिए जिम्मेदार माने जा रहे विधायक प्रकाश भारसाकले और शहराध्यक्ष हरीश टावरी पर भाजपा की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
भाजपा के उम्मीदवार को स्वीकृत नगरसेवक पद के लिए समर्थन देने वाले AIMIM के 5 नगरसेवकों में आफरीन अंजुम शरीफोद्दीन, दिलशादबी रज्जाक खान, रेशमा परवीन मोहम्मद अजीम, डॉ. यूसुफ खान हादिक खान और हन्नान शाह सुल्तान शाह शामिल हैं.
इधर, अकोला पश्चिम के विधायक साजिद खान पठान ने इस नए समीकरण पर तीखा हमला बोला. उन्होंने AIMIM को भाजपा की “बी-टीम” बताते हुए कहा कि चुनावों में एक-दूसरे पर हमले करने वाले दल सत्ता के लिए एक मंच पर आ जाते हैं.