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Place of worship act: ओवैसी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 फरवरी को सुनवाई करेगा

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के मामले पर पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को चार हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था, साथ ही अगले आदेश तक देशभर में सर्वे का आदेश देने पर भी अदालतों पर रोक लगा दी थी.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के समर्थन में दायर AIMIM सुप्रीमो असद्दुदीन ओवैसी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है. सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि ओवैसी की याचिका को केस से जुड़ी सभी पेंडिंग याचिकाओं के साथ जोड़ दिया जाए.

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को सुनवाई होगी. कोर्ट के आदेश के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल 'x' पर असद्दुदीन ओवैसी ने लिखा है कि मैंने पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, सुप्रीम कोर्ट ने आज याचिका को टैग कर दिया है...

अगले आदेश तक रोक
प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के मामले पर पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से चार हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था, साथ ही अगले आदेश तक देश भर मे सर्वे का आदेश देने पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने इस याचिका में उठाए गए मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और चार हफ्ते में जवाब मांगा है.

अयोध्या को इससे अलग रखा गया था

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ये कानून 15 अगस्त 1947 से मौजूद धार्मिक स्थलों पर पुन: दावा करने के लिए वाद दायर करने तथा उनके चरित्र में बदलाव की मांग पर रोक लगाता है. 1991 का ये कानून कहता है कि 15 अगस्त 1947 से पहले जो धार्मिक स्थल जिस रूप में था, उसी रूप में रहेगा. अयोध्या के मामले को इस कानून से बाहर रखा गया था.

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