भारत ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन की ओर से प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया, भारत ने कहा इस तरह की टिप्पणियां भारत के लोकतांत्रिक स्वरूप और सभ्यता के बारे में समझ की कमी के कारण की जाती हैं.
बता दें, यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान आई, जब एक नीदरलैंड्स के पत्रकार ने संयुक्त प्रेस संवाद के अभाव पर सवाल उठाए और मीडिया की स्वतंत्रता, अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चिंता जताई.
वहीं, द हेग में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, भारत की आलोचना अक्सर देश के सामाजिक और डेमोक्रेटिक फैब्रिक के बारे में अधूरी जानकारी की वजह से होती है.
जॉर्ज ने कहा, हमें इस तरह के सवालों का सामना मुख्य रूप से सवाल पूछने वाले व्यक्ति की समझ की कमी के कारण करना पड़ता है.
जार्ज ने बताई भारत की ताकत
भारत के लोकतांत्रिक स्वरूप का बचाव करते हुए, सिबी जॉर्ज ने देश को 5,000 साल से अधिक पुरानी सभ्यता वाला एक जीवंत और विविधताओं वाला समाज बताया. उन्होंने कहा, भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, जो विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला देश है. यह 5000 साल से अधिक पुरानी सभ्यता वाला देश है. यह विविधताओं वाला देश है.
जॉर्ज ने बताया कि चार प्रमुख धर्म हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म भारत में उत्पन्न हुए और आज भी देश में फल-फूल रहे हैं. उन्होंने कहा, दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं है जहां चार धर्मों की उत्पत्ति हुई हो.
भारत में अन्य धर्मों की लंबी उपस्थिति की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि यहूदी समुदाय 2,500 से अधिक सालों से बिना किसी उत्पीड़न के देश में रह रहे हैं, जबकि ईसाई धर्म और इस्लाम भी सदियों से फल-फूल रहा है.
जॉर्ज ने भारत की चुनावी प्रक्रिया और शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन को भी देश के मजबूत लोकतंत्र का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा, हाल ही में हमारे यहां चुनाव हुए. आपको यह जानना चाहिए कि इसमें लोगों की भागीदारी कितनी बड़ी थी. 90 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं ने वोट डाला. यह भारत की खूबसूरती है.