भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सौरभ जोशी चंडीगढ़ के नए मेयर चुन लिए गए हैं. पिछले साल के विवादों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन ने वोटिंग के लिए हाथ उठाकर मतदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया, जिसकी निगरानी पीठासीन अधिकारी रमनीक सिंह बेदी ने की. 1996 के बाद पहली बार हाथ उठाकर हुई वोटिंग में BJP को 18, AAP को 11 और कांग्रेस को 7 वोट मिले.
नगर निगम हाउस में गुरुवार को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए वोटिंग हुई. जीत के लिए जादुई आंकड़ा 19 वोट का था. तीनों पार्टियों (BJP, कांग्रेस और AAP) ने गठबंधन के बजाय अकेले चुनाव लड़ा.
घोषित नतीजों में BJP के सौरभ जोशी को 18 पार्षदों के वोट मिले, जबकि AAP के योगेश ढींगरा को 11 और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गब्बी को 07 वोट मिले. इनमें 6 पार्षद और एक वोट सांसद मनीष तिवारी का शामिल था.
हालांकि, बहुमत के लिए 19 वोटों की जरूरत थी, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में सबसे अधिक वोट (18) प्राप्त करने के आधार पर सौरभ जोशी को विजेता घोषित किया गया.
बता दें कि 1996 के बाद पहली बार बैलेट पेपर के बजाय पार्षदों ने हाथ उठाकर और मौखिक घोषणा के साथ अपने मत का प्रयोग किया. सभी पार्षदों ने अपने वोट के बाद दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सदन में पहुंचकर मतदान किया. मतदान से पहले उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया.
पीठासीन अधिकारी रमनीक सिंह ने पारदर्शिता के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की थी, ताकि पिछली बार जैसी धांधली की कोई गुंजाइश न रहे.