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तेलंगाना CM पर PM को 'अपशब्द' कहने का आरोप, BJP का पलटवार- नफरत ही कांग्रेस की पहचान

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बयान को लेकर राजनीति गरमा गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रामायण के पात्र मारीच से की, जिस पर BJP ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

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 BJP ने कहा कि संवैधानिक पद का अपमान किया गया (Photo: PTI)
BJP ने कहा कि संवैधानिक पद का अपमान किया गया (Photo: PTI)

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रामायण के मारीच से कर दी. इस बयान पर BJP ने जोरदार पलटवार किया और कहा कि यह संविधान के पद का अपमान है. BJP के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नफरत ही कांग्रेस की पहचान बन गई है.

तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोदी सरकार यह बिल 2029 के चुनाव में फायदा लेने के लिए ला रही थी. उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह मारीच सीता माता के अपहरण के लिए आया था, उसी तरह मोदी जी और पूरी BJP-NDA संविधान को छीनने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम ऐसा नहीं होने देंगे.

BJP ने क्या जवाब दिया?

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी की तुलना मारीच से करके प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद का अपमान किया है.

पूनावाला ने दावा किया कि उनके पास कांग्रेस के अंदर से जानकारी आई है कि पार्टी के सभी नेताओं को पार्टी अध्यक्ष से भी ऊपर के किसी बड़े नेता ने निर्देश दिया है कि PM मोदी को निशाना बनाते रहो.

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यह भी पढ़ें: 'दक्षिण को कमजोर करना चाहती है BJP', डीलिमिटेशन बिल पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का EXCLUSIVE इंटरव्यू

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब तक PM मोदी को 150 से ज्यादा गालियां दे चुकी है. उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है.

कांग्रेस पर और क्या आरोप लगाए?

पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ प्रधानमंत्री को नहीं बल्कि कई बड़े संवैधानिक पदों का अपमान किया है. उन्होंने गिनाया कि चुनाव आयोग का अपमान किया, न्यायपालिका का अपमान किया, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नी' कहकर अपमानित किया, सेना का अपमान किया और सनातन का भी अपमान किया.

उन्होंने रेवंत रेड्डी को 'नफरत के भाईजान' कहा और कहा कि यह 'मोहब्बत की दुकान' नहीं बल्कि 'नफरत की दुकान' है. उन्होंने कहा कि नफरत ही कांग्रेस की पहचान बन गई है.

कुल मिलाकर क्या हुआ?

महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद दोनों तरफ से राजनीति तेज हो गई है. एक तरफ BJP कह रही है कि विपक्ष ने महिलाओं का हक छीना और अब प्रधानमंत्री का अपमान कर रहा है. दूसरी तरफ कांग्रेस और उसकी साथी पार्टियां कह रही हैं कि यह बिल 2029 के चुनाव के लिए एक राजनीतिक चाल थी. यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ने की पूरी संभावना है.

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