scorecardresearch
 

'खड़गे-राहुल को परेड में तीसरी लाइन में बैठाना अपमान', भड़की कांग्रेस, रक्षा मंत्रालय बोला- नहीं तोड़ा प्रोटोकॉल

देशभर में धूमधाम से 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया. दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ. समारोह के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़़गे को तीसरी लाइन में बैठाए जाने पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर अपमान का आरोप लगाया है. अब इसे लेकर बीजेपी-कांग्रेस के बीच बहस तेज हो गई है.

Advertisement
X
गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल-खड़गे की सीटिंग पर कांग्रेस का तीखा विरोध (Photo: ITG)
गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल-खड़गे की सीटिंग पर कांग्रेस का तीखा विरोध (Photo: ITG)

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड के दौरान विपक्ष के नेताओं की सीटिंग को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में बैठाकर बीजेपी सरकार ने उनका अपमान किया है.

कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर राहुल-खड़गे की तस्वीरें साझा कर सवाल उठाए कि क्या यह व्यवहार शिष्टाचार, परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुरूप है? 

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि लोकतंत्र में भले ही मतभेद हों लेकिन इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है और यह सरकार की हताशा को दर्शाता है.

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी इस मुद्दे पर नाराज़गी व्यक्त की और कहा कि यह प्रोटोकॉल और सम्मान की कमी को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी को तीसरी लाइन में बैठा देखकर उन्हें आश्चर्य और दुख हुआ. तन्खा ने यह भी कहा कि पूर्व में जब सुषमा स्वराज और अरुण जेटली नेता प्रतिपक्ष थे, तब ऐसा व्यवहार नहीं देखा गया.

यह भी पढ़ें: 'भारत-चीन अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझीदार', गणतंत्र दिवस पर शी जिनपिंग ने दी बधाई

Advertisement

हालांकि बाद में मल्लिकार्जुन खड़गे को आगे की लाइन में बैठा देखा गया, पर कांग्रेस का कहना है कि शुरू में की गई व्यवस्था ही सरकार की सोच को दर्शाती है. पार्टी ने इसे विपक्ष और संवैधानिक पदों का अपमान बताया.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने 2014 की एक पुरानी तस्वीर साझा कर सवाल किया कि तब एलके आडवाणी को आगे की पंक्ति में क्यों बैठाया गया था, जबकि अब प्रोटोकॉल बदला गया है.

वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर कहा कि सीटिंग एक तय प्रक्रिया के तहत होती है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कई वरिष्ठ मंत्री भी उसी क्षेत्र में बैठे थे लेकिन इसे मुद्दा नहीं बनाया. 

उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद और विशेषाधिकार की राजनीति करने का आरोप लगाया. बीजेपी ने राहुल गांधी से सवाल भी उठाया कि वे कई अहम संवैधानिक कार्यक्रमों में पहले क्यों शामिल नहीं हुए.

गणतंत्र दिवस पर विपक्ष के नेताओं की सीटिंग को लेकर राजनीतिक टकराव देखने को मिला है, जो देश की राजनीतिक गहमागहमी को और बढ़ा गया है.

रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?

मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस के सूत्रों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस समारोह में अनुशासन और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया गया. इस साल गणतंत्र दिवस की बैठने की व्यवस्था पूरी तरह से ‘टेबल ऑफ प्रीसिडेंस’ के अनुसार की गई थी. कोई भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ है. 

Advertisement

यह भी बताया गया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए, उन्हें विशेष सहूलियतें दी गईं. उनकी व्यक्तिगत सुविधा के लिए एक निजी सहायक की अनुमति दी गई और उनकी पसंद के अनुसार बैठने के पास ही एक विशेष पार्किंग स्थान भी उपलब्ध कराया गया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement