कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और लाखों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है.
राहुल गांधी ने कहा कि करीब 22 लाख छात्रों की मेहनत और प्रयास बेकार चले गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद को पेपर लीक मामले से अलग बताते हुए कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है, जबकि छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है.
उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक 80 बार पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसकी वजह से लगभग 2 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भीतर मौजूद एक बड़े नेटवर्क का नतीजा है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि RSS और BJP से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालयों में नियुक्त किया जा रहा है और इसी वजह से शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता कमजोर हुई है. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति RSS से जुड़ा है तो उसे कुलपति जैसे अहम पदों पर नियुक्त किया जाता है.
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राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पैसे कमाने का जरिया बना दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि RSS-BJP और उनसे जुड़े लोगों का एक गठजोड़ शिक्षा संस्थानों के भीतर काम कर रहा है, जिसने पूरे सिस्टम को बर्बाद कर दिया है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए. साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा कि देश के करोड़ों युवा मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उनका भरोसा टूट रहा है. उन्होंने इसे युवाओं के साथ बड़ा अन्याय बताया.