पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने WFI यानी रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के चुनाव पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. कुश्ती संघ के लिए कल 12 अगस्त को चुनाव होना था. दरअसल, चार उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर, जबकि तीन वरिष्ठ उपाध्यक्ष, 6 उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, दो कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और 9 उम्मीदवार कार्यकारी सदस्य पद के लिए मैदान में हैं. 15 पदों पर 30 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है. अध्यक्ष पद पर एक महिला ने भी आवेदन किया है.
अध्यक्ष पद पर संजय सिंह के नामांकन को लेकर मामला कोर्ट पहुंचा था. संजय को कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे बृजभूषण शरण सिंह का करीबी बताया जाता है. उनकी उम्मीदवारी के खिलाफ बजरंग पुनिया सहित प्रदर्शनकारी पहलवानों ऐतराज जताया था. उन्होंने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मुलाकात कर ये मुद्दे उठाया था.
प्रदर्शनकारी पहलवान अध्यक्ष पद की एकमात्र महिला उम्मीदवार अनीता श्योराण का समर्थन कर रहे हैं. अनीता राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता और बृज भूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में गवाह हैं. डब्ल्यूएफआई कार्यकारी समिति के सदस्यों की सूची में एकमात्र महिला उम्मीदवार अनीता श्योराण ओडिशा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
गौरतलब है कि कुश्ती महासंघ के चुनाव पर इससे पहले भी रोक लग चुकी है. गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम कुश्ती संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए डब्ल्यूएफआई के 11 जुलाई को होने वाले चुनाव पर रोक लगा दी थी. तब असम कुश्ती संघ ने डब्ल्यूएफआई, आईओए, एडहॉक समिति और खेल मंत्रालय के खिलाफ दायर याचिका में कहा था कि वह डब्ल्यूएफआई का मान्यता प्राप्त सदस्य होने का हकदार है लेकिन उसे मान्यता नहीं दी गई है.
असम कुश्ती संघ ने दावा किया था कि डब्ल्यूएफआई की कार्यकारी समिति ने 15 नवंबर 2014 को गोंडा में फेडरेशन की जनरल काउंसिल के समक्ष असम कुश्ती संघ को मान्यता देने की सिफारिश की थी लेकिन मान्यता देने से इनकार कर दिया गया था.
बृजभूषण सिंह का पूरा हो चुका है कार्यकाल
बृजभूषण, के खिलाफ ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता विनेश फोगट सहित देश के छह शीर्ष पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था, चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं क्योंकि उन्होंने 12 साल पूरे कर लिए हैं. महासंघ का प्रमुख बनने के लिए राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार अनुमत अधिकतम अवधि को बृजभूषण पार कर चुके हैं.
मेरे परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा: बृजभूषण
बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य डब्ल्यूएफआई चुनाव नहीं लड़ेगा. जहां उनके बेटे करण पहले ही अपना नाम वापस ले चुके हैं, वहीं उनके दामाद विशाल ने भी कह दिया था वह किसी भी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे. इस बार चुनाव के लिए हुए नामांकन में बृजभूषण के परिवार के किसी भी व्यक्ति ने नामांकन दाखिल नहीं किया है.