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अफगानिस्तान की बात, पाक पर प्रहार, यूएन को सीख...UN में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लोकतंत्र की ताकत का जिक्र किया तो साथ ही अफगानिस्तान, अफगानिस्तान की महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों की भी चर्चा की. पीएम ने आतंक पर जमकर प्रहार भी किया.

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को किया संबोधित (फोटोः ट्विटर) पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को किया संबोधित (फोटोः ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वैक्सीन निर्माता भारत आएं और निर्माण करें- पीएम
  • बनाई दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लोकतंत्र की ताकत का जिक्र किया तो साथ ही अफगानिस्तान, अफगानिस्तान की महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों की भी चर्चा की. पीएम ने आतंक पर जमकर प्रहार किया और संयुक्त राष्ट्र को भी अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने की सीख दी.

पीएम मोदी ने भारत सरकार की ओर से लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने, सर्व समावेशी विकास, 36 करोड़ से अधिक लोगों को बीमा सुरक्षा कवच, 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत ने तीन करोड़ घर बनवाकर होम लेस परिवारों को होम ऑनर बनाया है. प्रदूषित पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान पर भी बात की. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व का हर छठा नागरिक भारतीय है. जब भारतीयों की प्रगति होती है तो विश्व के विकास को भी गति मिलती है. 

भारत ने विकसित की डीएनए वैक्सीन

प्रधानमंत्री ने  कहा कि भारत में हो रहे साइंस और टेक्नोलॉजी आधारित Innovations विश्व की बहुत मदद कर सकते हैं. हमारे Tech-Solutions का स्केल और उनकी कम लागत, दोनों अतुलनीय है. उन्होंने COWIN की भी चर्चा की और दुनिया के वैक्सीन निर्माताओं को भारत आकर वैक्सीन का निर्माण करने का निमंत्रण दिया और कहा कि भारत ने दुनिया की पहली DNA वैक्सीन विकसित कर ली है जिसे 12 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को लगाया जा सकता है. एक और एमआरएनए वैक्सीन अपने डेवलपमेंट के आखिरी चरण में है. भारत के वैज्ञानिक कोरोना की एक नेजल वैक्सीन के निर्माण में भी जुटे हैं. प्रधानमंत्री ने ये भी जानकारी दी कि हमने जरूरतमंद देशों को वैक्सीन की सप्लाई फिर से शुरू कर दी है. पीएम ने अर्थव्यवस्था की भी चर्चा की.

पीएम ने बताई लोकतंत्र की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की चर्चा करते हुए कहा कि उस देश से आता हूं जो देश लोकतंत्र की जननी है. उन्होंने लोकतंत्र की ताकत की बात करते हुए कहा कि बचपन में टी स्टाल चलाकर अपने पिता की मदद करने वाला बच्चा आज प्रधानमंत्री के रूप में चौथी बार यूएनजीए को संबोधित कर रहा है. ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का नेतृत्व करने के अपने अनुभव के आधार कह सकता हूं कि यस, डेमोक्रेसी कैन डिलीवर. यस, डेमोक्रेसी हैज डीलिवर्ड. पीएम मोदी ने आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया.

नाम लिए बिना पाकिस्तान पर प्रहार

पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व के सामने Regressive Thinking और Extremism का खतरा बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में पूरे विश्व को Science Based, Rational (रैशनल) और Progressive Thinking को विकास का आधार बनाना ही होगा. उन्होंने कहा कि साइंस बेस्ड अप्रोच को मजबूत करने के लिए भारत Experienced Based Learning को बढ़ावा दे रहा है. पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर ये भी कहा कि Regressive Thinking के साथ जो देश आतंकवाद का पॉलिटिकल टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्हें ये समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है.

अफगानिस्तान को लेकर क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाना बहुत जरूरी है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए न हो. हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा कि वहां की नाजुक स्थिति का कोई देश अपने स्वार्थ के लिए एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश न करे. उन्होंने कहा कि इस समय अफगानिस्तान की जनता को, वहां की महिलाओं और बच्चों को, वहां की माइनॉरिटीज को मदद की जरूरत है. इसमें हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा.

समंदर अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन

पीएम मोदी ने समंदर को साझी विरासत बताया और कहा कि इसको हम यूज करें, अब्यूज नहीं. हमारे समंदर अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन भी हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में भारत की प्रेसिडेंसी के दौरान बनी विस्तृत सहमति विश्व को मैरीटाइम सिक्योरिटी की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाती है. पीएम मोदी ने चाणक्य के कथन का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र को अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इफेक्टिवनेस को सुधारने की जरूरत पर बल दिया.

 

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