राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से रखा. इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील समेत वैश्विक व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला.
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और अब एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जो वैश्विक व्यवस्था बनी थी, अब वह बदल रही है और इस नए दौर में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है. भारत को अब पीछे देखने या रुकने की जरूरत नहीं है, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से आगे बढ़ना है.
उन्होंने कहा कि भारत ‘फ्रैजाइल-5’ देशों की श्रेणी से निकलकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने दावा किया कि देश में उच्च विकास दर और कम महंगाई अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि इस सदी का दूसरा चरण भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक साबित होगा.
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद आज वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है. दुनिया भारत की ओर उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है. दुनिया का झुकाव आज भारत की तरफ है. भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बना है. उन्होंने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिये इच्छाशक्ति दिखाई थी, जापान हमारा पार्टनर था. आज देश सामर्थ्य दिखा रहा है.
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति होती रही. प्रधानमंत्रियों की लाल किले की प्राचीर से भाषण का विश्वलेषण कर लें, समझ आ जाएगा कि उनके पास विजन नहीं था. उनकी गलतियों को ठीक करने में हमारी ज्यादातर ताकत लग रही है. आज भारत विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. आज दुनिया हमारे उद्यमियों को समानता की दृष्टि से देख रही है. एमएसएमई का नेटवर्क जितना सामर्थ्यवान होता है, आज इस पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन से लेकर अमेरिका तक, हाल में हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया हमारी ट्रेड डील की तारीफ कर रही है. विश्व में अस्थिरता को लेकर जो चिंता थी, वह कम हुई है. हमारे युवाओं के लिए दुनिया का बाजार खुल चुका है. इस सदन में चर्चा का स्तर थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था. विपक्ष ने मौका गंवा दिया, देश कैसे भरोसा करे. एक सदस्य आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे, जो खुद को राजा कहलाने में गर्व करते हैं.
विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले ऐसी स्थिति क्यों बनी थी कि कोई देश भारत के साथ व्यापार समझौता करने के लिए आगे नहीं आता था. उन्होंने कहा, “आपने कोशिश की होगी, पीछे-पीछे बहुत चक्कर लगाए होंगे, लेकिन किसी ने आपकी तरफ देखा भी नहीं होगा.”