Parliament Proceedings Live Updates संसद के चालू बजट सत्र का दूसरा हाफ चल रहा है. दूसरे हाफ के अंतिम पड़ाव पर विपक्ष ने एफसीआरए के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. विपक्षी सदस्य एफसीआरए वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे.
हंगामे के कारण स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. लोकसभा की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल सदन में पेश किया. इस बिल पर दो घंटे चर्चा हुई. इस चर्चा का जवाब गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दिया. वहीं, राज्यसभा में सीएपीएफ रेगुलेशन बिल पर चर्चा जारी है.
राज्यसभा से सीएपीएफ बिल पारित होने के बाद अब बैंकरप्सी बिल पेश हो गया है. केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने यह बिल पेश किया. इस बिल पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय तय किया गया है. इस बिल पर चर्चा की शुरुआत हो गई है. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने इस बिल पर चर्चा की शुरुआत की है.
सीएपीएफ रेगुलेशन बिल राज्यसभा से पारित हो गया है. इस बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया. केवल सत्तापक्ष के सदस्यों की मौजूदगी में चेयर से डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने इस बिल पर ध्वनिमत से वोटिंग कराई. इससे पहले, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीएपीएफ बिल का विरोध करते हुए पांच पॉइंट पर आपत्तियां कीं और कहा कि मंत्री के जवाब में उनको इनके जवाब नहीं मिले. उन्होंने करियर ग्रोथ से लेकर इंस्टीट्यूशनलाइजेशन तक, पांच बिंदुओं पर आपत्ति की. विपक्ष के नेता ने बिल को सलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की.
लोकसभा में हंगामेदार आगाज के बाद माहौल खुशगवार नजर आया. स्पीकर ने कहा कि आपसे कहा था कि हंगामा मत कीजिए. उन्होंने कहा कि नोट कर रहा हूं, जो सदस्य केवल बोलने के लिए आते हैं और चले जाते हैं, उनको मौका नहीं मिलेगा.
लोकसभा से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 पारित होने के बाद उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जनविश्वास बिल पेश कर दिया है. सदन में अब जन विश्वास बिल पर चर्चा शुरू हो गई है. इस बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने यह बिल लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया.
आंध्र प्रदेश की अपनी राजधानी के लिए वर्षों लंबी प्रतीक्षा अब पूरी हो गई है. लोकसभा से अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में कानूनी दर्जा देने से संबंधित आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन बिल लोकसभा से पारित हो गया है. इस बिल में संशोधन के जरिये यह प्रावधान जोड़ा गया है कि अमरावती, आंध्र प्रदेश की राजधानी होगा.
लोकसभा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल पर दो घंटे तक चली चर्चा का गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया. नित्यानंद राय ने कहा कि इस बिल में यह प्रावधान किया गया है कि अमरावती, आंध्र प्रदेश की राजधानी होगी. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश की विधानसभा ने इस आशय का प्रस्ताव 28 मार्च को पारित किया है. इस संशोधन के जरिये अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में कानूनी दर्जा दिए जाने का प्रावधान किया गया है. इस बिल को पारित किया जाए.
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि बिहार के सीएम साहब के साथ जो हुआ है, उनकी पार्टी के लोग भी यहां बैठे हैं. शिंदे साहब के साथ क्या हुआ महाराष्ट्र में, उनकी पार्टी के लोग भी यहां हैं. आंध्र प्रदेश वालों सतर्क रहें. उन्होंने कहा कि बीजेपी के झांसे में मत आइए. जहां किसानों की जमीनें गई हैं, उनको भरपूर मुआवजा दीजिए, भरपूर सुविधाएं दीजिए. इस बिल का आंध्र की जनता के हित में पुरजोर समर्थन करता हूं. धर्मेंद्र यादव ने कहा कि नेताजी कहा करते थे कि राज्य जितना बड़ा होगा, संधाधन भी उतने ही ज्यादा होंगे और वह आत्मनिर्भर होगा. राज्य जितना छोटा होगा, उसे कटोरा लेकर केंद्र के सामने खड़े रहना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का विकास कैसे हुआ है, वह हम जानते हैं. आंध्र के जो साथी हैं, हमारे भी साथी रहे हैं और 18वीं लोकसभा में फिर से साथ होंगे. इसलिए उनसे कहता हूं, बीजेपी के झांसे में मत आइए.
विपक्षी दलों के सदस्यों ने एफसीआरए संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रोटेस्ट किया. विपक्षी सदस्यों ने बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद परिसर में इस बिल को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की. प्रोटेस्ट कर रहे सदस्यों ने बड़ा पोस्टर ले रखा था. इस पोस्टर पर लिखा था- स्टॉप टार्गेटिंग एनजीओ एंड इंस्टीट्यूशंस. प्रोटेस्ट कर रहे सदस्यों ने संस्थाओं पर हमला बंद करो..., एफसीआरए वापस लो... के नारे लगाए.
लोकसभा में एफसीआरए बिल को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बिल आज विचार करने के लिए नहीं लिया जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल में चुनाव है, इसलिए कांग्रेस-कम्युनिस्ट वहां के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.
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आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल लोकसभा में पेश हो गया है. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने यह बिल लोकसभा में पेश कर दिया है. इस बिल पर चर्चा के लिए लोकसभा में दो घंटे का समय आवंटित किया गया है. स्पीकर ने इस बिल पर एक घंटे चर्चा कराने की बात कही. इस पर कुछ सदस्यों ने दो घंटे चर्चा कराने की डिमांड की. स्पीकर ने कहा कि सदन सबका है. सबकी सहमति से चलता है. जब सबकी सहमति दो घंटे की है, तो दो घंटे चर्चा कर लेते हैं. स्पीकर ने कहा कि मणिक्कम जी कुछ कहना चाहते हैं. मणिक्कम टैगोर ने कहा कि अमरावती को लोन नहीं, स्पेशल सपोर्ट दिया जाए. अमरावती एक कैपिटल नहीं, करोड़ों लोगों की आकांक्षा है.
लोकसभा में एफसीआरए के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ. विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे. विपक्षी सदस्यों ने सरकार से एफसीआरए वापस लेने की मांग की. हंगामे के कारण सदन में प्रश्नकाल नहीं चल सका और स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.