हाल के दिनों में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर रेलवे द्वारा साजिश की आशंका जताए जाने के एक दिन बाद सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को हावड़ा रेलवे स्टेशन से एक अहम सीसीटीवी फुटेज मिला है. इस फुटेज में हावड़ा स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने का दावा किया गया है.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हावड़ा स्टेशन के कैब रोड इलाके के CCTV फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को जानबूझकर एक कवर/वस्तु फेंकते हुए देखा गया, जिसके तुरंत बाद आग और धुएं की स्थिति पैदा हो गई. बताया जा रहा है कि यह हरकत पीक आवर के दौरान जानबूझकर की गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा अफरा-तफरी और दहशत फैल सके. यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाल के खुफिया इनपुट्स और चेतावनियों में कहा गया था कि भारतीय रेलवे को 'सुनियोजित साजिश' के तहत निशाना बनाया जा रहा है.
मिथिला एक्सप्रेस में आगजनी की कोशिश?
बता दें कि हावड़ा स्टेशन पर 19 मई को उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच से धुंआ उठने लगा. देखते ही देखते स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और लोगों के बीच भय का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दो फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया.
रेल मंत्रालय के मुताबिक, मिथिला एक्सप्रेस में धुंआ उठने की घटना के पीछे बड़ी साजिश की आशंका है. जांच के दौरान जिस कोच से धुंआ उठ रहा था, उसके एक टॉयलेट में पेट्रोल में भीगा हुआ आधा जला कपड़ा बरामद हुआ है. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि ट्रेन में आग लगाने की कोशिश हुई थी. इसके बाद जब अधिकारियों ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उन्हें यह संदिग्ध व्यक्ति दिखा.
अधिकारियों का मानना है कि इस घटना का मकसद सिर्फ रेलवे परिचालन को बाधित करना नहीं था, बल्कि हजारों यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा करना भी था. इस मामले में रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ट्रेनों, यात्रियों, स्टेशन परिसरों और पूरे रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और CCTV जैसी आधुनिक तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है.
बैठक में खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था को और मजबूत बनाने, बेहतर रिपोर्टिंग सिस्टम विकसित करने और रेलवे बोर्ड मुख्यालय तथा फील्ड जोन के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया. रेलवे मंत्रालय ने कहा कि पूरे नेटवर्क में CCTV कवरेज बढ़ाने और टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, यह संदिग्ध घटना मिथिला एक्सप्रेस के कोच में आग लगने की सूचना मिलने से ठीक पहले हुई थी.
जांच एजेंसियां अब CCTV में दिख रहे संदिग्ध की पहचान करने और उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका की जांच में जुट गई हैं. देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और टर्मिनलों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगर समय रहते इस तरह की गतिविधियों को नहीं रोका गया, तो भविष्य में बड़े हादसे और जनहानि का खतरा बढ़ सकता है.