scorecardresearch
 

मणिपुर में सरकार गठन की हलचल, बीजेपी के 20+ विधायक आ रहे दिल्ली, हाईकमान संग मीटिंग

मणिपुर में एक बार फिर सरकार गठन को लेकर हलचल बढ़ गई है. भाजपा के 20 से अधिक विधायक केंद्रीय नेतृत्व से बैठक के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. एनडीए के सभी विधायकों को बैठक के लिए बुलाया गया है. इस उत्तर-पूर्वी राज्य में राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त हो रही है. उससे पहले यह बैठक अहम मानी जा रही है.

Advertisement
X
मणिपुर में सरकार गठन की चर्चा के लिए भाजपा के विधायक केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक करने दिल्ली रवाना. (File Photo: PTI)
मणिपुर में सरकार गठन की चर्चा के लिए भाजपा के विधायक केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक करने दिल्ली रवाना. (File Photo: PTI)

मणिपुर के 20 से अधिक भाजपा विधायकों ने रविवार को राज्य इकाई के अध्यक्ष के साथ इंफाल से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी. वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक में शामिल होंगे. मणिपुर भाजपा अध्यक्ष अधिराजमायुम शारदा देवी ने इंफाल एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा, 'सभी एनडीए विधायकों को बुलाया गया है. हम आशा और विश्वास कर रहे हैं कि प्रदेश में एक लोकप्रिय सरकार का गठन होगा.' 

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने कहा, 'चूंकि एनडीए के सभी सहयोगी दलों के विधायकों को बैठक के लिए बुलाया गया है, इसलिए मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है. पहले केवल भाजपा विधायकों की बैठक हुई थी. मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त हो रही है. आइए सकारात्मक जवाब की उम्मीद करें.' जब उनसे पूछा गया कि अगर वह सत्ता में होते तो क्या स्थिति अलग होती, तो बिरेन सिंह ने कहा, 'सरकार एक सतत प्रक्रिया है. मैंने मणिपुर की स्थिति बदलने की पूरी कोशिश की. पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों में काफी बदलाव आए हैं.'

लमसांग विधानसभा क्षेत्र के विधायक एस. राजेन सिंह ने कहा, 'सरकार बनने की संभावना है. हालांकि, मुख्यमंत्री कौन होगा इसका चयन केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा. राज्य की स्थिति का जायजा लेने के बाद ही केंद्रीय नेतृत्व इस पर फैसला लेगा. बैठक संभवतः सोमवार शाम को होगी.' विधायक एच. डिंगो ने बताया कि बैठक सोमवार शाम को है, लेकिन बैठक का एजेंडा अभी घोषित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा, 'हमें बस इतना बताया गया था कि आज ही दिल्ली पहुंच जाएं.'

Advertisement

यह भी पढ़ें: मणिपुर: कुकी पत्नी के पास छुट्टी बिताने आया था मैतेई पति, हथियारबंद गुंडों ने अपहरण के बाद की हत्या

खुराई विधानसभा क्षेत्र के विधायक एल. सुसिंद्रो ने कहा कि उन्हें दिल्ली बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. भाजपा और एनडीए के बाकी विधायकों के भी शाम में राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने की उम्मीद है. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष लोरहो एस. फोजे ने कहा, 'मैं भी दिल्ली जा रहा हूं. सरकार गठन के बारे में कुछ भी निश्चित नहीं है. हमें सिर्फ बैठक के लिए बुलाया गया है.' एनपीपी के नागा विधायक जे. पामेई ने कहा, 'सबसे अच्छी उम्मीद करते हैं. हां, हमें बुलाया गया है, सभी एनडीए सहयोगी दलों को. देखते हैं कि क्या होता है.' 

मणिपुर में मई 2023 से हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. केंद्र सरकार ने पिछले साल 13 फरवरी को एन. बिरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. मणिपुर की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है और फिलहाल उसे निलंबित (सस्पेंडेड एनिमेशन) रखा गया है. मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, जिनमें भाजपा के 37 विधायक हैं. एनडीए के सहयोगी दल नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के 5 विधायक हैं.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement