ओडिशा के जगतसिंहपुर स्थित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) कार्यालय के महिला शौचालय में स्पाई कैमरा लगाए जाने के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार, इस घटना के पीछे कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के प्रति आरोपी का एकतरफा प्यार था, जिसे सकारात्मक जवाब नहीं मिला. इसके बाद उसने महिला शौचालय में छिपा कैमरा लगाकर वीडियो रिकॉर्ड करने की साजिश रची.
यूट्यूब से सीखा स्पाई कैमरों की जानकारी
जगतसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक अंकित वर्मा ने रविवार को बताया कि आरोपी की पहचान 30 वर्षीय संजय आधेखा के रूप में हुई है, जो डीआरडीए कार्यालय में जूनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत था. जांच में सामने आया कि आरोपी ने यूट्यूब के माध्यम से स्पाई कैमरों के बारे में जानकारी हासिल की और जनवरी में ऑनलाइन स्पाई कैमरा खरीदा था. बाद में उसने मार्च में महिला शौचालय के भीतर इसे कथित तौर पर लगा दिया.
अचानक गिरा कैमरा
पुलिस के मुताबिक, कैमरा कई महीनों तक एक्टिव रहा. आरोपी हर सप्ताह उसे चार्ज करता था और किसी को शक न हो, इसके लिए दोबारा उसी स्थान पर लगाकर रिकॉर्डिंग जारी रखता था. मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला शौचालय में लगा कैमरा अचानक गिर गया और कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली.
ये डिवाइस जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी अभियान में स्पाई कैमरा, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और सीसीटीवी हार्ड डिस्क बरामद की गई है. सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी रिकॉर्डिंग की गई, क्या कोई वीडियो सुरक्षित रखा गया या साझा किया गया, और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी.
इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की निजता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कर्मचारियों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा सरकारी कार्यालयों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.