NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे संगठित नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं. CBI ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का दावा है कि पेपर लीक का नेटवर्क NTA से लेकर बड़े कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था.
CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से RCC यानी रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है. उसके मोबाइल फोन से NEET के लीक प्रश्नपत्र बरामद हुए हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जो प्रश्नपत्र लीक करता था.
इसके साथ अलग-अलग लोगों तक पहुंचाने में शामिल था. शिवराज मोटेगांवकर लातूर समेत सात जिलों में RCC नाम का कोचिंग नेटवर्क चलाता है. इस कोचिंग सेंटर का टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है. उसने अपने कोचिंग सेंटर में NEET अभ्यर्थियों लीक क्वेश्चन उपलब्ध कराए.
CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने NEET UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र और उनके जवाब परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले यानी 23 अप्रैल 2026 को हासिल कर लिए थे. एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा खत्म होने के बाद लीक पेपर को नष्ट कर सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई.
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने शिवराज मोटेगांवकर से 8 से 10 घंटे तक लंबी पूछताछ की है. इसमें NTA से जुड़े कई अधिकारियों के साथ संपर्कों और पेपर लीक के मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी से रिश्तों को लेकर सवाल पूछे गए. पी.वी. कुलकर्णी और मनीषा गुरुनाथ मांधरे ने NTA से प्रश्नपत्र चुराए थे.
CBI का दावा है कि केमिस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी और बायोलॉजी की सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे उस एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थे, जो प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थी. जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि फिजिक्स के कुछ सवाल भी लीक किए गए थे.
इस मामले में एक अन्य संदिग्ध की पहचान कर ली गई है. जांच के दौरान सामने आया कि 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा में इस्तेमाल किए गए प्रश्नपत्र और रिजर्व सेट के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सवाल एक ही क्वेश्चन बैंक से मेल खाते हैं. यही क्वेश्चन बैंक CBI जांच का बड़ा आधार बना है.
केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर ने लीक प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी विवेक पाटिल समेत कई लोगों को उपलब्ध कराई थी. एजेंसी को आरोपी के मोबाइल फोन में लीक प्रश्नपत्रों का वीडियो भी मिला है. इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है.
दिल्ली में NSUI के कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. जांच में सीकर और लातूर की चर्चा है.
राजस्थान के सीकर और महाराष्ट्र के लातूर के कोचिंग नेटवर्क और पेपर लीक कनेक्शन को खंगाल रही है. सीकर से गेस पेपर देश के दूसरे हिस्सों में भेजे गए थे. ट 2024 के आंकड़ों को लेकर भी अब बहस तेज हो गई है. सीकर और लातूर कुछ वर्षों में बड़े मेडिकल कोचिंग हब बनकर उभरे हैं.
साल 2024 में सीकर में कुल 27,216 छात्रों ने NEET परीक्षा दी थी. इनमें 700 से ज्यादा अंक लाने वाले 149 छात्र थे. वहीं 650 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले 2037 छात्र और 600 से ज्यादा अंक पाने वाले 4729 छात्र थे. 500 से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 8225 थी.
ये संख्या देश में सबसे ज्यादा बताई गई. यदि परीक्षा केंद्रों की बात करें तो देश के टॉप 50 सबसे बेहतर परिणाम देने वाले NEET परीक्षा केंद्रों में से 37 केवल सीकर में थे. सीकर के एक ही परीक्षा केंद्र विद्याभारती स्कूल में 500 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले 318 छात्र थे.
इसी तरह महाराष्ट्र का लातूर भी मेडिकल कोचिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभरा. यहां साल 2024 में 24,611 छात्रों ने NEET परीक्षा दी थी, जिनमें से 500 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या 3534 थी. देश के टॉप परीक्षा केंद्रों में लातूर के भी नौ सेंटर शामिल थे.