प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के नियमों के तहत आरोपी बादशाह मजीद मलिक, चंद्रकांत मोहन भंसाली और धर्मेश राव की 12.44 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है.
ईडी ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा बादशाह मजीद मलिक, विजय सुब्बान्ना पुजारी और अन्य के खिलाफ दायर अभियोजन शिकायत (PC) के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें SEZ जोन में स्थित कंपनियों के जाली दस्तावेज प्रस्तुत करके फैब्रिक ग्लू/रेडिएटर/मिश्रित रंगों की खेप की आड़ में लाल चंदन की तस्करी करने के लिए कस्टम्स एक्ट, 1962 की धाराओं के तहत अपराध किए गए थे.
इससे पहले भी हो चुका है एक्शन
ईडी ने दिसंबर 2021 में बादशाह माजिद मलिक, विजय सुब्बाना पुजारी और अन्य के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था. तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए, जिनसे लाल चंदन की तस्करी में बादशाह माजिद मलिक द्वारा अपनाए गए तौर-तरीकों का पता चला. बादशाह माजिद मलिक को ईडी ने 21.12.2021 को गिरफ्तार किया था.
ईडी ने पहले ही 72.45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है. ईडी की जांच से पता चला है कि बादशाह माजिद मलिक 2008 से 2010 और 2014 से 2015 तक तस्करी की गतिविधियों में लिप्त था और उसने 94 करोड़ रुपये की अपराध आय (POC) अर्जित की थी.
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POC को वैध बनाने के मकसद से, उन्होंने M/s Empire India Multi Trade Pvt Ltd नाम से एक कंपनी बनाई और आवास प्रविष्टियों के जरिए कैश के बदले में कई फर्जी/शेल कंपनियों से शेयर पूंजी प्राप्त की. इसके बाद इस कंपनी के जरिए बादशाह मजीद मलिक और उनके सहयोगियों द्वारा कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं. मामले में आगे की जांच जारी है.