scorecardresearch
 

Monkey Pox को लेकर केरल में अलर्ट, कैसे फैलती है ये बीमारी, क्या हैं बचाव के तरीके?

एमपॉक्स कोविड या H1N1 इन्फ्लूएंजा की तरह हवा से फैलने वाली बीमारी नहीं है. संक्रमित व्यक्ति से आमने-सामने संपर्क, सीधे त्वचा से त्वचा का संपर्क, यौन संबंध, बिस्तर और कपड़ों को छूना, सुरक्षा मानकों का पालन न करना आदि मामलों में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है.

Advertisement
X
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

केरल स्वास्थ्य विभाग ने दुनिया में मंकीपॉक्स (Monkey Pox- Mpox) के तेजी से फैलने को लेकर राज्य में अलर्ट जारी किया है. मंकीपॉक्स को पिछले सप्ताह दुनिया में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया गया था. केंद्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, दुनिया के कुछ हिस्सों में एमपॉक्स की सूचना मिलने के बाद राज्य के सभी हवाई अड्डों पर अलर्ट जारी किया गया है और निगरानी की जा रही है. 2022 में एमपॉक्स का मामला सामने आने के बाद राज्य ने एक स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की थी. किसी भी मामले का पता चलने पर उचित आइसोलेशन, सैंपल कलेक्शन और इलाज सुनिश्चित किया जा सके. अगर किसी में ये लक्षण हैं तो सभी सरकारी और निजी अस्पताल इस एसओपी का पालन करेंगे.

एमपॉक्स क्या है?
शुरू में पॉक्स जानवरों से इंसानों में फैलने वाली एक जूनोटिक बीमारी थी. लेकिन अब यह इंसान से इंसान के संपर्क से फैलने वाली सीधी बीमारी है. हालांकि ये कम गंभीर है और ऑर्थोपॉक्सवायरस संक्रमण है, जिसे 1980 में दुनिया भर में खत्म घोषित कर दिया गया था.

कैसे फैलती है ये बीमारी?
एमपॉक्स कोविड या H1N1 इन्फ्लूएंजा की तरह हवा से फैलने वाली बीमारी नहीं है. संक्रमित व्यक्ति से आमने-सामने संपर्क, सीधे त्वचा से त्वचा का संपर्क, यौन संबंध, बिस्तर और कपड़ों को छूना, सुरक्षा मानकों का पालन न करना आदि मामलों में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है.

क्या हैं लक्षण?
शुरुआती लक्षणों में बुखार, तेज सिरदर्द, साइनस की सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और ताकत की कमी का एहसास होगा. बुखार आने के एक सप्ताह के भीतर शरीर पर छाले और लाल धब्बे दिखाई देने लगते हैं. ज्यादातर छाले चेहरे और हाथों पर पाए जाते हैं. इसके अलावा ये हथेलियों, जननांगों और आंखों पर भी पाए जाते हैं.

Advertisement

कैसे करें बचाव?
जो लोग बीमार लोगों के संपर्क में आते हैं, उन्हें पॉक्स हो सकता है. संक्रमित लोगों की देखभाल करने वाले हेल्थ वर्कर्स को खुद पर काफी ध्यान देना पड़ता है और SOP का पालन करना पड़ता है.

एम्बुलेंस में मरीज को ले जाते समय गाउन, एन95 मास्क, दस्ताने और चश्मा पहनना चाहिए. इसके साथ ही उस अस्पताल को भी जानकारी देनी चाहिए जहां मरीज को ले जाया जाता है. मरीज को एन95 ट्रिपल लेयर मास्क पहनना चाहिए. अगर कोई घाव है तो उसे कपड़े से ढक देना चाहिए. मरीज को अस्पताल लाने के बाद एम्बुलेंस और उपकरणों को कीटाणुरहित किया जाना चाहिए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement