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स्पीकर ओम बिड़ला ने सभी संसदीय समितियों के अध्यक्षों को लिखी चिट्ठी, निर्देश की दिलाई याद

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सभी संसदीय समितियों के अध्यक्षों को चिट्ठी लिखी गई है. स्पीकर के निर्देश 55 की याद दिलाई गई है. इसके तहत संसदीय समितियों की कार्यवाही गोपनीय रहनी चाहिए.

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स्पीकर ओम बिड़ला (फाइल फोटो)
स्पीकर ओम बिड़ला (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फेसबुक को समन करने पर विवाद
  • स्पीकर ने सभी अध्यक्षों को लिखी चिट्ठी
  • निर्देश 55 की दिलाई गई याद

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सभी संसदीय समितियों के अध्यक्षों को चिट्ठी लिखी गई है. स्पीकर के निर्देश 55 की याद दिलाई गई है. इसके तहत संसदीय समितियों की कार्यवाही गोपनीय रहनी चाहिए. सदस्यों को समिति की कार्यवाही के बारे में मीडिया को नहीं बताना चाहिए, जब तक कि समिति की रिपोर्ट संसद में नहीं रख दी जाती.

स्पीकर ओम बिड़ला ने चिट्ठी में लिखा, 'विषयों के चयन के समय नियम 270 का ध्यान रखा जाना चाहिए. इसके तहत किसी भी व्यक्ति, दस्तावेज अथवा रिकॉर्ड को समन करने के बारे में स्पीकर की राय लेनी चाहिए और उनका निर्णय अंतिम है. परंपरा के अनुसार समिति ऐसे विषयों को नहीं लेती जो अदालतों में लंबित हैं.' 

चिट्ठी में आगे लिखा है, 'भविष्य की समितियों की बैठको में इनका ध्यान रखा जाना चाहिए. स्पीकर ने सभी समितियों के अध्यक्षों को पत्र में यें भी लिखा हैं कि संसदीय समितियों में सभी सदस्यों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश हित में काम करना चाहिए.'

गौरतलब है कि संसद की आईटी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने फेसबुक अधिकारियों को समन भेजा था, जिस पर विवाद हुआ था. आईटी की संसदीय समिति में फेसबुक के अधिकारियों को समन करने के विवाद पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और राज्यवर्धन राठौड़ ने स्पीकर को पत्र लिखकर शशि थरूर की शिकायत की थी.

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