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मुंबई के हॉस्पिटल में हुई लालू यादव की एंजियोप्लास्टी, ट्रीटमेंट के बाद सामने आई पहली तस्वीर

एंजियोप्लास्टी एक ऐसा सर्जिकल प्रोसेस है, जिसमें हार्ट की मांसपेशियों तक ब्लड सप्लाई करने वाली रक्त वाहिकाओं को खोला जाता है. अक्सर दिल का दौरा या स्ट्रोक जैसी समस्याओं के बाद एंजियोप्लास्टी का सुझाव दिया जाता है.

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मुंबई में हुई लालू यादव की एंजियोप्लास्टी
मुंबई में हुई लालू यादव की एंजियोप्लास्टी

बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुंबई के एक हॉस्पिटल में सफल एंजियोप्लास्टी की गई. सफल ट्रीटमेंट के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी तस्वीरें शेयर की है. अपनी पोस्ट में लालू यादव की तस्वीर साझा करते हुए उनकी बेटी ने लिखा कि अब उनके पिता बिल्कुल ठीक हैं.

lalu yadav

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क्या है एंजियोप्लास्टी?

एंजियोप्लास्टी एक ऐसा सर्जिकल प्रोसेस है, जिसमें हार्ट की मांसपेशियों तक ब्लड सप्लाई करने वाली रक्त वाहिकाओं को खोला जाता है. मेडिकल लैंग्वेज में इन रक्त वाहिकाओं को कोरोनरी आर्टरीज़ कहते हैं. अक्सर दिल का दौरा या स्ट्रोक जैसी समस्याओं के बाद एंजियोप्लास्टी का सुझाव दिया जाता है.

यह भी पढ़ें: जब BJP से गठबंधन के सवाल पर इल्तिजा मुफ्ती ने सुनाया लालू यादव और क्लिंटन से जुड़ा किस्सा

एक से डेढ़ घंटे के अंदर इलाज जरूरी

इस प्रोसेस को पर्क्यूटेनियस ट्रांस्लुमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी भी कहा जाता है. कई मामलों में डॉक्टर एंजियोप्लास्टी के बाद कोरोनरी आर्टरी स्टेंट भी रक्त वाहिकाओं में डालते हैं. ये स्टेंट नसों में ब्लड सर्कुलेशन को फिर से दुरुस्त करने का काम करता है. दिल का दौरा पड़ने के बाद सामान्य रूप  से एक से दो घंटे के अंदर मरीज की एंजियोप्लास्टी हो जानी चाहिए.

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हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक घंटे के अंदर मरीज को एंजियोप्लास्टी मिलने से मौत का रिस्क कम हो सकता है. इसे जितना जल्दी किया जाए, मरीज के हार्ट फेलियर का खतरा उतना कम होता है. एंजियोप्लास्टी तीन तरह की होती है. बैलून एंजियोप्लास्टी, लेजर एंजियोप्लास्टी और एथरेक्टॉमी एंजियोप्लास्टी.

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