मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क से चीता संरक्षण अभियान के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. नामीबिया से लाई गई चीता 'ज्वाला' ने 5 शावकों को जन्म दिया है. इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जबकि भारतीय धरती पर जन्मे शावकों की संख्या 33 तक पहुंच गई है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे 'प्रोजेक्ट चीता' की बड़ी उपलब्धि बताया है.
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि ज्वाला तीसरी बार सफलतापूर्वक मां बनी है. इस बार उसने पांच शावकों को जन्म दिया है. उन्होंने कहा कि इन शावकों के जन्म के साथ भारत में जन्मे स्वस्थ चीता शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है. यह भारतीय धरती पर चीतों के 10वें सफल प्रजनन का संकेत है.
भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने इसे 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए गर्व का पल बताया. उन्होंने कहा कि यह कामयाबी पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ और इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों की मेहनत, कौशल और समर्पण को दर्शाती है, जो लगातार जमीन पर काम कर रहे हैं. इस मिशन को सफल बनाने में जुटे हैं.
भूपेंद्र यादव ने कहा कि इन नए शावकों के आने से भारत में चीतों की आबादी 53 तक पहुंच गई है. यह वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम पड़ाव है. उन्होंने इसे वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण भी बताया. इसके साथ ही उम्मीद जताई कि ज्वाला और उसके शावक स्वस्थ और मजबूत होकर आगे बढ़ेंगे. भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे.
इससे पहले हाल ही में दक्षिण अफ्रीका की चीता 'गामिनी' भी दूसरी बार मां बनी थी. उसने चार शावकों को जन्म दिया था. इसके अलावा 28 फरवरी 2026 को भूपेंद्र यादव ने बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों को कुनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा था. इनमें 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं. फिलहाल इन चीतों को बड़े क्षेत्र में छोड़ने से पहले उन्हें स्थानीय माहौल के अनुसार ढालने की प्रक्रिया चल रही है.