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भारत के खिलाफ साजिश, PAK से मिलीभगत... आसिया अंद्राबी के लिए NIA ने मांगी उम्रकैद

दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी के खिलाफ NIA ने कोर्ट में उम्रकैद की मांग की है. एजेंसी का कहना है कि अंद्राबी और उसकी दो साथियों ने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की साजिश रची और विदेश में मौजूद आतंकी संगठनों की मदद से अलगाववाद और हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश की थी.

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पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से मिलकर देश के खिलाफ साजिश पर कड़ी सजा की मांग. (File Photo: ITG)
पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से मिलकर देश के खिलाफ साजिश पर कड़ी सजा की मांग. (File Photo: ITG)

दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी के खिलाफ NIA ने कोर्ट में उम्रकैद की मांग की है. एजेंसी का कहना है कि अंद्राबी और उसकी दो साथियों ने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की साजिश रची और विदेश में मौजूद आतंकी संगठनों की मदद से अलगाववाद और हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश की थी.

कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट में उसके लिए उम्रकैद की सजा की मांग की है. जांच एजेंसी का कहना है कि उसने भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की साजिश रची. उसको कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए.

दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान NIA ने कहा कि देश के खिलाफ साजिश करने वालों को सख्त सजा देना जरूरी है. समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह दलीलें एडिशनल सेशंस जज चंदर जीत सिंह के सामने रखी गईं. 

कोर्ट इस मामले में आसिया अंद्राबी के साथ उसकी दो सहयोगियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन के खिलाफ सजा की मात्रा तय करने के लिए सुनवाई कर रही है. तीनों आरोपियों को इसी साल जनवरी में एंटी-टेरर लॉ अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था.

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NIA ने अपनी लिखित दलीलों में कहा कि तीनों दोषी पढ़ी-लिखी महिलाएं हैं. उनके काम भारत सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने की गहरी साजिश का हिस्सा थे. जांच एजेंसी के मुताबिक वे केवल साजिश में शामिल ही नहीं थीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क की मुख्य गुनहगार भी थीं.

NIA की ओर से पेश स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने कोर्ट को बताया कि आसिया अंद्राबी और उसकी साथियों ने आतंकवादी संगठनों की मदद से भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की थी. इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया था.

प्रॉसिक्यूशन ने कहा कि दोषियों के सोशल मीडिया पोस्ट और उनके बयान साफ तौर पर दिखाते हैं कि वे भारत में लोकतांत्रिक तरीके से बनी सरकार के खिलाफ एक साथ जंग छेड़ने की कोशिश कर रहे थे. तीनों ने अपने प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत का इस्तेमाल किया था.

वे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की मांग कर रहे थे. कोर्ट ने 14 जनवरी 2026 को तीनों को UAPA और IPC की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया था. इनमें आतंकी गतिविधियों की साजिश और भारत के खिलाफ जंग छेड़ने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.

जांच एजेंसी ने कोर्ट को यह भी बताया कि दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 33 FIR दर्ज हैं. उसकी सहयोगी सोफी फहमीदा के खिलाफ 9 और नाहिदा नसरीन के खिलाफ 5 केस दर्ज हैं.

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सुनवाई के दौरान जज ने आसिया अंद्राबी और उसकी दोनों साथियों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया. तीनों आरोपी वर्चुअल माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सजा पर फैसला सुनाने के लिए मामले को 24 मार्च के लिए सूचीबद्ध कर दिया.

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