कर्नाटक में महिला IAS रोहिणी और महिला IPS डी. रूपा के बीच की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है. IPS रूपा ने सोशल मीडिया पर आईएएस रोहिणी पर आरोपों की बौछार कर दी है. IPS अधिकारी डी. रूपा ने IAS रोहिणी सिंधुरी पर 19 आरोप लगाए हैं. इतना ही नहीं, इन आरोपों को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है.
IPS रूपा के IAS रोहिणी पर आरोप
IPS रूपा ने आईएएस रोहिणी सिंधुरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब रोहिणी मांड्या की जिला पंचायत सीईओ बनीं, तो उन पर बनाए गए शौचालयों की संख्या के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप लगाया गया था. यह आरोप लगाया गया था कि संख्या बढ़ाकर उन्होंने केंद्र सरकार से पुरस्कार जीता, लेकिन इसकी जांच नहीं हुई.
डी. रूपा ने आरोप लगाया कि चामराजनगर में बिना ऑक्सीजन के 24 लोगों की मौत हो गई थी. इसके लिए आईएएस रोहिणी सिंधुरी को दोषी ठहराया गया था, फिर रोहिणी किसी तरह इससे बच निकली? रूपा ने आरोप लगाया कि रोहिणी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजीं और उसे अपने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया.
आईपीएस अधिकारी ने कहा कि डीके रवि के संदेशों को ब्लॉक किया जा सकता था, लेकिन रोहिणी ने उसे स्थायी रूप से ब्लॉक नहीं किया था. कई लोगों को लग सकता है कि अनब्लॉक करना उत्साह बढ़ाने के बराबर है.
IAS रोहिणी ने कहा- लोगों को टारगेट करती हैं रूपा
आईएएस रोहिणी सिंधुरी ने कहा कि आईपीएस डी. रूपा मेरे खिलाफ झूठा अभियान चला रही हैं. वह मुझे बदनाम करना चाहती हैं, जो कि उनकी मानक कार्यप्रणाली है. वह जहां-जहां उन्होंने काम किया है, वहां ऐसा ही करती आई हैं.
रोहिणी सिंधुरी ने कहा कि डी रूपा ने हमेशा मीडिया के जरिए ऐसा किया है. उसका सोशल मीडिया प्रोफाइल उनके काम का सबूत है, वह हमेशा लोगों को टारगेट करती हैं. यह उनका पसंदीदा टाइम पास लगता है.
आईएएस रोहिणी ने कहा कि IPS की विभिन्न धाराओं के तहत कदाचार और आपराधिक अपराधों के लिए मैं उपयुक्त अधिकारियों के साथ डी. रूपा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी. उन्होंने कहा कि तस्वीरें स्क्रीनशॉट हैं और सोशल मीडिया पोस्ट/व्हाट्सएप से ली गई हैं, जो मुझे बदनाम करने के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल की जा रही हैं. वह उन लोगों के नाम शेयर कर सकती हैं, जिन पर वह आरोप लगा रही हैं कि मैंने ये तस्वीरें भेजी हैं.
IPS रूपा ने कहा- IAS अधिकारियों को तस्वीर भेजना नियमों का उल्लंघन
आईपीएस रूपा का कहना है कि रोहिणी ने तस्वीरें कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों को भेजी हैं. उन्होंने सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को इस तरह की तस्वीरें भेजना आचार संहिता का उल्लंघन है.
(रिपोर्ट- Anagha)