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मल्लिकार्जुन खड़गे का जितिन प्रसाद पर निशाना, 'जब मंत्री बनाया, तब पार्टी दिशाहीन नहीं लगी'

मल्लिकार्जुन खड़गे ने जितिन प्रसाद पर तंज कसते हुए कहा कि जब तक उन्हें मंत्री का पद दिया गया था, तमाम जिम्मेदारी मिल रही थीं, तब उनकी नजरों में पार्टी दिशाहीन नहीं थी.

मल्लिकार्जुन खड़गे का जितिन प्रसाद पर निशाना मल्लिकार्जुन खड़गे का जितिन प्रसाद पर निशाना
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मल्लिकार्जुन खड़गे का जितिन प्रसाद पर निशाना
  • सचिन पायलट पर दिया बड़ा बयान
  • पंजाब में जारी बवाल पर सफाई

कांग्रेस को छोड़ बीजेपी का दामन थामने वाले जितिन प्रसाद की तरफ से लगातार बड़े बयान दिए जा रहे हैं. वे एक तरफ कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बता रहे हैं, वहीं लीडरशिप पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. आजतक से बातचीत के दौरान जितिन ने दावा किया था कि कांग्रेस का जनता से संवाद ही नहीं है, इसी वजह से पार्टी दिशाहीन हो गई है और चुनावों में लगातार खराब प्रदर्शन कर रही है. अब जितिन के इन सवालों का जवाब कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की तरफ से आया है. 

मल्लिकार्जुन खड़गे का जितिन प्रसाद पर निशाना

मल्लिकार्जुन खड़गे ने जितिन पर तंज कसते हुए कहा कि जब तक उन्हें मंत्री का पद दिया गया था, तमाम जिम्मेदारी मिल रही थीं, तब उनकी नजरों में पार्टी दिशाहीन नहीं थी. वे कहते हैं कि सरकार में मंत्री बने तब पार्टी दिशाहीन उनको नहीं दिखाई दी. अब बीजेपी में शामिल होकर वह कांग्रेस को दिशाहीन बता रहे हैं और जनता से दूर बता रहे हैं. ऐसा बयान जितिन प्रसाद को नहीं देना चाहिए. वह लोकसभा में सांसद रहे. यूपीए सरकार में मंत्री रहे. तब सब चीजें ठीक लगती थीं. मगर अब वह कांग्रेस को गलत बता रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने उनको सब कुछ दिया.

सचिन पायलट पर दिया बड़ा बयान

खड़गे की तरफ से इस बात पर नाराजगी व्यक्त की गई है कि जितिन प्रसाद ने अपनी समस्याओं को पार्टी के सामने कभी नहीं उठाया और सीधे बीजेपी का दामन थाम लिया और फिर पार्टी पर निशाना साधा. वे मानते हैं कि बातचीत के जरिए हर मुद्दे को सुलझाया  जा सकता था, लेकिन जितिन ने वो मौका ही नहीं दिया.

जितिन प्रसाद पर तो खड़गे का तल्ख अंदाज रहा ही, राजस्थान में चल रही सियासी रस्साकशी पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी. सचिन पायलट के समर्थकों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध पर उनकी तरफ से कहा गया है कि पार्टी में कई बार आपस में मतभेद होते हैं. लेकिन पार्टी बातचीत करके उसका हल निकाल लेती है. सचिन पायलट का मुद्दा भी सुलझा लिया जाएगा.

पंजाब में जारी बवाल पर सफाई

इस सब के अलावा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब में भी सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है. पंजाब में सिद्धू बनाम कैप्टन की लड़ाई जोर पकड़ती दिख रही है. कांग्रेस की तरफ से एक तीन सदस्य की कमेटी जरूर बनाई गई है, लेकिन स्थाई समाधान अभी भी नहीं निकला है.

इस विवाद पर भी मल्लिकार्जुन खड़गे ने बातचीत पर ही जोर दिया है. बयान में कहा गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी जो कहेंगे हमको वह फैसला मंजूर होगा. पंजाब में पार्टी एकजुट है और 2022 में पंजाब विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आएगी. हर पार्टियों में मतभेद होते हैं केवल हमारी पार्टी में ही ऐसा नहीं होता है. दूसरी पार्टियों में भी नाराजगी की खबरें सामने आती रहती हैं.

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वैसे खबर है कि पंजाब कांग्रेस में जारी इस बवाल पर तीन सदस्य कमेटी की रिपोर्ट को आज पार्टी हाईकमान को सौंप दिया जाएगा. बताया गया है कि पंजाब में एक बार के लिए सीएम अमरिंदर के काम करने के अंदाज से सभी खुश नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे राज्य का एक लोकप्रिय चेहरा हैं और उनके खिलाफ कोई गुट नहीं है. वहीं सिद्धू को लेकर कहा गया कि वे एक बड़ी शख्सियत हैं, लेकिन बातचीत के दौरान उनके साथ ज्यादा कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं दिखाई दिया. 

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