झारखंड के पाकुड़ सिविल कोर्ट परिसर से बुधवार को दो खतरनाक कैदियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दोनों कैदियों को हत्या के एक मामले में दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई थी, लेकिन पुलिस हिरासत से बाहर निकलते ही वे फरार हो गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल कोर्ट परिसर से फरार कैदियों की पहचान शिवधन मोहली और नरेन मोहली (नरेंद्र मोहली) के रूप में हुई है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम ने हत्या के मामले में दोनों को दोषी करार दिया था. सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस बल उन्हें अदालत परिसर से बाहर ले जा रहा था, तभी दोनों मौके का फायदा उठाकर भाग निकले.
घटना की पुष्टि पाकुड़ की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने की. उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस हरकत में आई है. गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. जगह-जगह पुलिस पदाधिकारियों की टीमें तलाश कर रही हैं.
मामले की जांच शुरू
एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि सुरक्षा में ये चूक कैसे हुई, इसकी गहन जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी. जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अब पूरे जिले में नाकेबंदी कर भगोड़ों की तलाश में जुटी है.
क्या है मामला
बता दें कि ये मामला पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के अंबाडिया गांव का है. यहां पुराने विवाद को लेकर शिवधन मोहली और नरेन मोहली पर एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप था. मृतक की पत्नी ने दोनों पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया था. इसी मामले में अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था.