रसोई गैस की किल्लत झेल रहे भारत को बड़ी राहत मिली है. ईरान ने भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दो एलपीजी टैंकर ले जाने की इजाजत दे दी है.
शुक्रवार को ही भारत में ही ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया है कि भारत को दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही के लिए सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि भारत ईरान का दोस्त है और इस वजह से भारतीय जहाजों के लिए इस समुद्री मार्ग से गुजरने को लेकर सकारात्मक स्थिति जल्द सामने आ सकती है.
अब रॉयटर्स ने खबर ने दी है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आ रहे दो LPG भरे जहाज को गुजरने की अनुमति देने पर राजी हो गया है. पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद भारत में एलपीजी की किल्लत देखी जा रही है. हालांकि सरकार ने उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी करने की कोशिश की है.
शुक्रवार को रसोई गैस के लिए परेशान रहे लोग
भारत में शुक्रवार को रसोई गैस के लिए सड़कों पर परेशानी की स्थिति रही. कई राज्यों में लोग कतारों में खड़े देखे गए. खाने-पीने की दुकानें बंद हो गईं और जमाखोरी की खबरें भी फैलने लगीं. जबकि केंद्र सरकार लगातार यह कह रही थी कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है.
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि घरों तक LPG की बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित कर दी गई है और सिलेंडर के लिए घबराहट में बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि 5 मार्च से अब तक LPG का घरेलू उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ चुका है.
शर्मा ने आगे कहा, "घबराहट में बुकिंग करने की कोई ज़रूरत नहीं है, और किसी भी LPG डीलर के पास स्टॉक खत्म नहीं हुआ है."
उन्होंने बताया कि युद्ध से पहले के समय में जहां औसतन 55.7 लाख LPG बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है, "जो यह दिखाता है कि लोग घबराहट में बुकिंग कर रहे हैं."
इसके बावजूद बिहार के कई ज़िलों में LPG वितरण केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं, जबकि जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा था कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है.