
भारत ने पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद के खिलाफ जब से 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया है, उसके बाद से ही पाकिस्तानी सेना भारत के पश्चिमी छोर पर उकसावे के तहत कार्रवाई कर रही है. पाकिस्तानी सेना पिछले तीन रोज़ (8 मई से लगातार) से हर शाम को जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक ड्रोन अटैक कर रही है. जम्मू-कश्मीर में एलओसी से सटे इलाके में लगातार मोर्टार दागे जा रहे हैं, पाकिस्तान अब इतनी शर्मिंदगी पर उतर आया है कि वो अब आम लोगों को निशाना बना रहा है और सिविल इलाके में ही शेलिंग कर रहा है.
शनिवार सुबह यानी 10 मई को पाकिस्तानी सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर के राजौरी में लगातार फायरिंग की गई. इसी फायरिंग और मोर्टार दागने में पाकिस्तान ने कई आम लोगों के घरों को निशाना बनाया. इसी शेलिंग में राजौरी के एडिशनल डीसी राजौरी राजकुमार थापा की मौत भी हुई है, उनके घर पर मातम छाया हुआ है. इस घटना से इतर राजौरी के एक और घर में मोर्टार दागा गया, जिसकी वजह से बड़ा नुकसान हुआ है.
दो मंजिला मकान पर लगे मोर्टार से आधे से ज्यादा घर तबाह हो गया, नीचे जो दुकान बनी हुई थी उसको भी नुकसान पहुंचा है और इसका असर कितना खतरनाक था, उसका अंदाज़ा इस बात से भी लग सकता है कि घर के सामने एक दुकान में एटीएम मशीन लगी हुई थी, उस दुकान का शीशा भी चकनाचूर हो गया.

दी लल्लनटॉप ने राजौरी के इस घर का दौरा किया और अटैक के वक्त घर में मौजूद लोगों से भी बात की. शेलिंग सुबह करीब साढ़े चार या पांच बजे हो रही थी. घर में मौजूद महिला ने बताया, 'सुबह जब नमाज़ का वक्त था, मैं आधी नमाज़ ही पढ़ पाई थी तभी ब्लास्ट हुआ, हम लोग घबरा गए... बेटा मेरे पास ही था, मैंने उसे छिपा दिया. मुझे समझ नहीं आया कि ब्लास्ट हुआ कहां है, हमारे घर पर या आसपास हुआ है.'
भावुक होते हुए महिला बोली, 'हम छिपे रहे, ऊपर मलबा था और छिपकर ही नमाज़ पढ़ते रहे. जब बाद में कुछ लोग आए और उन्होंने हमें निकाला. हमारी जान तो बच गई, लेकिन नुकसान बहुत हो गया. हम अमन चाहते हैं, क्यूंकि इससे हम सिविलियन का ही नुकसान है और हमारे पास रहने का ठिकाना नहीं है.'

वहां मौजूद बाकी लोगों ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे के करीब धमाके की आवाज़ आई, जब देखा तो शीशा वगैरह सब टूटा हुआ था, हम निकले और ज़मीन पर ही लेट गए. ऊपर जो लोग फंसे हुए थे, उनको दरवाज़ा तोड़कर निकाला. स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि एक घर में मोर्टार सीधा गिरा, वहां दो लोगों की मौत हो गई है. हालांकि अभी इसकी पुष्टि होनी बाकी है.
जैसा कि 10 मई को विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना की हुई ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ब्रीफिंग में भी साफ किया गया है, पाकिस्तानी सेना लगातार आम नागरिकों को निशाना बना रही है. पिछले तीन दिन की ब्रीफिंग में सरकार ने जानकारी दी है कि इनमें कुछ आम नागरिकों की जान भी गई है, कुछ घरों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान भी पहुंचा है. भारतीय सेना पाकिस्तानी आर्मी के हर हमले का जवाब दे रही है.
(इनपुट: सिद्धांत मोहन)