दुनियाभर के देश मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से ऊर्जा संकट से गुजर रहे हैं. ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद कर देने के कारण बड़े स्तर पर तेल सप्लाई ठप हो गई है. ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने भी साफ कर दिया है कि होर्मुज के रास्ते कोई भी जहाज नहीं जाएगा. इन सब के बीच ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत सरकार और ईरान के बीच बातचीत हुई है, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 20 से अधिक तेल और गैस टैंकरों को सुरक्षित रास्ता मिल सके.
रिपोर्ट के अनुसार, ये टैंकर लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस, लिक्विफाइड नेचुरल गैस और कच्चे तेल से भरे हुए हैं. अमेरिका और इजरायल ने जब ईरान पर बीते महीने हमला किया था, तब ये टैंकर होर्मुज स्ट्रेट में फंस गए थे.
होर्मुज स्ट्रेट एक ऐसा समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है. यह फारस की खाड़ी को ओमान से जोड़ता है. वर्तमान में चल रहे युद्ध की वजह से शिपिंग प्रभावित हुई है. ईरान की ओर से इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों पर हमला किया जा रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, इन टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए भारत का विदेश मंत्रालय ईरान से बातचीत कर रहा है. इससे पहले भी जानकारी आई थी कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी.
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से भारत और ईरान के बीच अब तक तीन बार बातचीत हो चुकी है. जयसवाल ने यह पुष्टि की कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई है. हालांकि, इस विषय पर उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की. इससे पहले सोशल मीडिया के जरिए एस. जयशंकर ने बताया था कि वह अपने ईरानी समकक्ष के संपर्क में हैं और आगे भी संपर्क में रहेंगे.
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इन सब के बीच संसद में ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि दुनिया ने इससे पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी, लेकिन भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है.
उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने से पहले भारत का लगभग 45 फीसदी कच्चे तेल का आयात होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होता था. हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने तेल आपूर्ति के लिए अन्य देशों के साथ समझौते किए. गैर होर्मुज स्ट्रेट देशों से कच्चे तेल की खरीद में लगभग 15 फीसदी का इजाफा हुआ है.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश की तेल रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एविएशन टर्बाइन फ्यूल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है.