भारत और अफ्रीकी देशों के बीच एक बड़ी बैठक होने वाली थी, 28 से 31 मई 2026 को नई दिल्ली में. लेकिन यह बैठक अब टाल दी गई है. वजह है अफ्रीका में फैला इबोला वायरस, जिसने अब तक 136 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है.
भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन आखिरी बार 2015 में दिल्ली में आयोजित की गई थी. 2018 के बाद भारत ने अफ्रीका में कुल 17 नए दूतावास खोले. जिसके बाद अफ्रीका महाद्वीप पर भारतीय दूतावासों की संख्या 46 पहुंच गई.
भारत हर कुछ साल में अफ्रीकी देशों के साथ एक बड़ी बैठक करता है जिसे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS) कहते हैं. यह तीसरी बार 2015 में हुई थी. अब 11 साल बाद चौथी बैठक होने वाली थी इसी महीने दिल्ली में.
कई अफ्रीकी देशों के बड़े नेताओं ने आने की हां भी कर दी थी. भारत इस बैठक में अफ्रीका के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करने का एक बड़ा प्लान पेश करने वाला था. लेकिन तभी खबर आई कि अफ्रीका के एक देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है. अब तक 136 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. यह बीमारी इतनी खतरनाक मानी गई कि WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित कर दिया.
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ऐसे में भारत और अफ्रीकी संघ (AU) ने सोचा कि जब अफ्रीका के नेता और लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं, तो उन्हें यहां बुलाना सही नहीं होगा. दोनों ने मिलकर तय किया कि बैठक को अभी नहीं, बाद में करेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि नई तारीख अफ्रीकी देशों से बात करके तय की जाएगी.
भारत ने यह भी कहा कि वो अफ्रीकी संघ (अफ्रीका का खुद का स्वास्थ्य केंद्र) की हर संभव मदद करने को तैयार है. अफ्रीका CDC, अफ्रीकी संघ का एक अपना स्वास्थ्य संस्थान है जो पूरे अफ्रीका में बीमारियों से लड़ने का काम करता है.
यह पूरा मामला सिर्फ एक बैठक टलने की बात नहीं है. यह दिखाता है कि भारत अफ्रीका को कितनी अहमियत देता है. 2018 के बाद से भारत ने अफ्रीका में 17 नए दूतावास खोले हैं, अब वहां कुल 46 भारतीय दूतावास हैं.
भारत अफ्रीका को एक बड़ा रणनीतिक साझीदार मानता है, और यह सम्मेलन उसी रिश्ते को और गहरा करने का मौका थी, जो अब थोड़ा और इंतजार करेगी.