भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देशभर में वेदर की गतिविधियों की निगरानी करता है. लोगों को सतर्क करने के लिए मौसम विभाग कलर कोड सिस्टम इस्तेमाल करता है. ये सिस्टम बारिश, भारी बारिश, तूफान, गर्मी की लहर (हीटवेव), ठंड की लहर (शीतलहर), आंधी-तूफान जैसी मौसमी गतिविधियों को लेकर सतर्क करने के लिए होता है. इन्हीं कलर कोड के माध्यम से IMD मौसम संबंधित चेतावनी जारी करता है.
मौसम विभाग के रेड, ऑरेंज, येलो और ग्रीन कलर सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते, बल्कि मौसम की चेतावनियां देने के लिए एक आसान सिस्टम है. ये रंग ट्रैफिक लाइट की तरह आसानी से समझे जा सकते हैं. आइए जानते हैं IMD के अलग-अलग कलर कोड का मतलब.
1- ग्रीन अलर्ट (Green Alert): कोई चेतावनी नहीं, सामान्य हालात
जब मौसम बिल्कुल सामान्य होता है और किसी भी तरह का खतरा या खराब मौसम की संभावना नहीं होती, तो IMD हरा रंग दिखाता है.
मतलब: सब ठीक है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने रोज़मर्रा के काम आराम से कर सकते हैं.
2- येलो अलर्ट (Yellow Alert): सतर्क रहें
IMD का यह सबसे आम अलर्ट है. जब मौसम में बदलाव आने वाला होता है लेकिन बहुत ज्यादा खतरा नहीं होता तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है.
मतलब: मौसम खराब हो सकता है, जैसे हल्की-मध्यम बारिश, तेज हवा या गरज-चमक.
3- ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): तैयार रहें
यह अलर्ट तब जारी होता है जब मौसम ज्यादा बिगड़ सकता है.
मतलब: भारी बारिश, तेज तूफान, बाढ़ का खतरा, सड़क-रेल यातायात प्रभावित होना या यात्रा में रुकावट जैसी स्थिति बन सकती है.
4- रेड अलर्ट (Red Alert): तुरंत कार्रवाई करें
IMD का यह सबसे गंभीर अलर्ट है. जब मौसम बहुत खतरनाक होता है और जान-माल का नुकसान होने की संभावना होती है. तब लाल अलर्ट जारी होता है.
मतलब: अत्यधिक भारी बारिश, चक्रवात, भीषण गर्मी, बाढ़, भूस्खलन या जीवन के लिए खतरा वाली स्थिति बन सकती है.