scorecardresearch
 

मणिपुर में 20 साल बाद दिखाई गई हिंदी फिल्म, आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन का दावा

मालूम हो कि मणिपुर में पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगा हुआ है. आखिरी फिल्म जो सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई थी, वह 1998 में 'कुछ कुछ होता है' थी.

Advertisement
X
मणिपुर हिंसा की फाइल फोटो
मणिपुर हिंसा की फाइल फोटो

मणिपुर में 20 से अधिक वर्षों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए हिंदी फिल्में दिखाई जा रही हैं. आदिवासी संगठन हमार स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एचएसए) ने मंगलवार शाम चुराचांदपुर जिले के रेंगकाई (लमका) में 'उरी' और 'कुछ कुछ होता है' की स्क्रीनिंग की.

एचएसए के अनुसार, आतंकवादी संगठनों ने राज्य में हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है और वे उनकी बातों को खारिज करते हुए इसकी स्क्रीनिंग कर रहे हैं. मणिपुर में प्रदर्शित होने वाली आखिरी हिंदी फिल्म 1998 में 'कुछ कुछ होता है' थी. वर्ष 2000 में बॉलीवुड पर बैन लग गया था.

मालूम हो कि मणिपुर में पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगा हुआ है. आखिरी फिल्म जो सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई थी, वह 1998 में 'कुछ कुछ होता है' थी.

लालसेमरंग ने कहा कि भारतीय होने के नाते, हमें सार्वजनिक सिनेमाघरों में भारत के सभी हिस्सों से निर्मित कला और फिल्मों तक पहुंच होनी चाहिए. वास्तव में मैतेई आतंकवादियों द्वारा हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के पीछे मुख्य कारण यह था कि वे हिंदी फिल्मों को विदेशी फिल्में मानते थे. साथ ही मणिपुरी संस्कृति पर बुरा प्रभाव मानते थे. उन्होंने कहा, अफसोस कि राज्य सरकार आज तक इस प्रतिबंध का समर्थन करती है. हां, हिंदी फिल्मों पर प्रतिबंध है. पहले, लाम्का/तुइथराफाई में कुछ सिनेमा हॉल थे, लेकिन हिंदी फिल्म स्क्रीनिंग के बाद 1990 के दशक के अंत में प्रतिबंध लगने के बाद, वे सभी बंद कर दिए गए.

Advertisement

उरी, सर्जिकल स्ट्राइक और कुछ कुछ होता है दिखाई जा रही हैं. छात्र संगठन का कहना है कि वे उन आतंकवादी समूहों से अपनी आजादी की घोषणा करेंगे जिन्होंने स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है.
 

Advertisement
Advertisement