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हिमाचल में रविवार को होने वाली धर्म संसद को रोकें, कपिल सिब्बल की सुप्रीम कोर्ट से मांग

हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच केस की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि हिमाचल में रविवार को धर्म संसद होनी है. इस पर भी रोक लगाई जानी चाहिए. इस पर कोर्ट ने कहा कि रोक लगाने से पहले हिमाचल सरकार की बात सुननी होगी. साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि याचिकाकर्ता स्थानीय कलेक्टर के पास जा सकते हैं.

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सांकेतिक तस्वीर.
सांकेतिक तस्वीर.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 22 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई
  • कपिल सिब्बल ने हेट स्पीच का उठाया था मुद्दा

उत्तराखंड के हरिद्वार में धर्म संसद हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट में बधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से मौजूद सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि ऐसी ही एक धर्म संसद रविवार को हिमाचल प्रदेश में होनी है. धर्म संसद में धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी को देखते हुए हिमाचल में होने वाली धर्म संसद पर रोक लगनी चाहिए. 
 
कपिल सिब्बल की इस मांग पर जस्टिस एएम खानविलकर ने कहा कि इससे पहले हिमाचल सरकार की बात सुननी होगी. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता स्थानीय कलेक्टर के पास जा सकते हैं. साथ ही कहा कि याचिका की कॉपी हिमाचल प्रदेश सरकार के वकील को भी दे दी जाए. अगली सुनवाई से पहले उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सरकार को कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर करनी है.

सुप्रीम कोर्ट में अब 22 अप्रैल को सुनवाई

हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में होने वाली धर्म संसद पर रोक लगाने के लिए याचिकाकर्ता को स्थानीय कलेक्टर से संपर्क करने की छूट दी है. 

वहीं, हेट स्पीच को लेकर दी गई लॉ कमीशन की रिपोर्ट के अनुपालन की मांग करते हुए मामले की सुनवाई के लिए वकील अश्विनी उपाध्याय की मेंशनिंग पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म संसद को लेकर दाखिल याचिकाओं के साथ ही इस मामले पर भी 22 अप्रैल को ही सुनवाई होगी. 

अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा है कि विधि आयोग यानी लॉ कमीशन ने 2017 में जारी अपनी रिपोर्ट में IPC में संशोधन करने की जरूरत पर जोर दिया था. इस महत्वपूर्ण सिफारिश पर पांच साल बाद भी अब तक अमल नहीं हो पाया है, इसलिए कोर्ट इसके लिए निर्देश जारी करे.

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बता दें कि हरिद्वार में धर्म संसद में हेट स्पीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए जनवरी में तैयार हुआ था. इस मुद्दे को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया था. सिब्बल ने कोर्ट में कहा, यह मुद्दा काफी खतरनाक है. 

दरअसल, हरिद्वार के खड़खडी स्थित वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर तक धर्म संसद आयोजित हुई थी. इसमें संतों की ओर से हेट स्पीच दी गई. धर्म संसद की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं. हरिद्वार पुलिस ने इस मामले में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था.  

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